मेरठ। शास्त्रीनगर में आयोजित कथा के पंचम दिवस के आध्यात्मिक प्रवचन में व्यास पीठ से भानपुरा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ ने कहा कि प्रभु नाम का जप मात्र ही मानव जीवन का उद्धार करने में सक्षम है। यदि मनुष्य जीवन मरण के चक्र से मुक्ति यानी मोक्ष प्राप्त करना चाहता है। ऐसे में उसे प्रभु और गुरु की शरण में आना ही होगा।
ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि धर्म और समाज के मार्ग पर चलना आसान नहीं होता है। इसमें अनेक कठिनाई आती हैं। विपरीत हालात में व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए। हर उजाले के बाद अंधेरा आता है और फिर अंधकार के बाद प्रकाश अवश्य होता है यह जीवन का सत्य है। उन्होंने समझाया कि जीवन में समस्या अवश्य आएंगी। मन को विचलित नहीं होने देना चाहिए। धन का आना जाना लगा रहता है। धर्म ही ऐसा तत्व है जो हर परिस्थिति में मनुष्य का साथ देता है। महाराज ने कहा कि जैसे हवा दिखाई नहीं देती लेकिन उसका आभास होता है। वैसे ही ईश्वर का अस्तित्व भी अनुभव किया जा सकता है। भगवान प्रत्यक्ष भले न दिखें। वे सदैव हमारे साथ रहते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि सत्संग के माध्यम से निरंतर प्रभु का स्मरण करते रहें।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व चेयरमैन जिला सहकारी बैंक मनिंदर पाल सिंह, यशवीर सिंह, आलोक सिसोदिया ने महाराज से आशीर्वाद लिया। व्यास पीठ का पूजन मनोज सेन एवं डॉ. बृजभूषण गोयल ने परिवार सहित किया। इस अवसर पर मनोज गर्ग, डॉ. अतुल गौड़, हरीश वशिष्ठ, आलोक सिसोदिया, अमित, नरेंद्र, नितिन आदि रहे।