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Ram Mandir: प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बनेंगे मेरठ के 10 रत्न, बोले-अयोध्या से निमंत्रण पुण्यकर्मों का फल

Sat, 20 Jan 2024 02:24 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाली श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन मेरठ से दस लोग इस अविस्मरणीय पल के साक्षी बनेंगे। अमर उजाला ने इन सौभाग्यशाली लोगों से बात की। इन सभी का कहना है कि  यह उनके अच्छे कर्मों  का ही फल है कि उन्हें ये सौभाग्य हासिल हुआ है।
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रविंद्रकीर्ति स्वामी, ज्ञानमति माता, डॉ. जीवन प्रकाश जैन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होनेे की हर मन की अभिलाषा है। मेरठ से इसके लिए संत, महात्मा, समाजसेवी और खिलाड़ियों सहित दस लोगों को अयोध्या से आमंत्रित किया गया है। ज्यादातर लोग कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे। अमर उजाला ने इन सौभाग्यशाली लोगों से बात की। प्रस्तुत हैं उसके अंश।

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संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में बांधेगा राममंदिर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड क्षेत्र के संघचालक सूर्य प्रकाश टोंक कहते हैं कि कई संघर्षों के बाद अयोध्या में श्रीराम के विग्रह की फिर स्थापना हिन्दू अस्मिता का प्रतीक है। 498 साल बाद फिर राम मंदिर की स्थापना हिंदू समाज के जागरण का काम करेगी। मंदिर संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में बांधने का काम करेगा।

अयोध्या से निमंत्रण पुण्यकर्मों का फल
श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण मिलना मेरे लिए परम सौभाग्य है। ये मेरे पिछले जन्मों के पुण्यकर्मों एवं माता-पिता का आशीर्वाद व प्रभु श्रीराम की मेरे ऊपर अनुकंपा है। वैंकटेश्वरा समूह के चेयरमैन एवंं कुलाधिपति डॉ. सुधीर गिरि कहते हैं कि यह निमंत्रण सिर्फ मेरे या वैंकटेश्वरा परिवार के लिए गौरव का विषय है। हम पूरे सप्ताह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अखंड रामायण पाठ करते हैं।

युवाओं को संस्कार देगा राममंदिर
जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी ज्ञानमति माता जी ने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा का दिन भारतीय संस्कृति का स्वर्णिम दिवस होगा। भारत ऋषि मुनियों की धरा है। देश की धुरी धर्म है। श्रीराम सदा से ही सर्वसमाज के आदर्श हैं। श्रीराम ने नीति और रीति के साथ जीवन चरित्र स्थापित किया। श्रीराम मंदिर प्रत्येक युवा को संस्कार प्रदान करेगा। मंदिर की स्थापना से देश ही नहीं विश्व भर में धार्मिकता का वातावरण उत्पन्न हो रहा है।

राम मंदिर हमारी धार्मिक विरासत
अयोध्या एवं हस्तिनापुर पीठाधीश्वर स्वामी रविंद्र कीर्ति जी महाराज ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि अक्तूबर 2020 में शिलापूजन के समय भी हमें आमंत्रण प्राप्त हुआ था। श्रीराम मंदिर हमारी लाखों वर्षाें की धार्मिक विरासत है। जैन समाज के लिए गौरव की बात है अब श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भी हमें बुलाया गया है। रामलला स्थापना कार्यक्रम में हम समूचे जैन समाज का प्रतिनिधित्व करेंगे।

Ayodhya Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला
अयोध्या का विकास जन जन की उपलब्धि
अयोध्या एवं जम्बू द्वीप हस्तिनापुर जैन तीर्थ मंत्री डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि जैन धर्म में भी भगवान राम और सीता जी का महत्व है। अयोध्या में जैन धर्म के भगवान ऋषभ देव आदि पांच तीर्थंकरों का जन्म हुआ है। अयोध्या जैन धर्मावलंंबियों के लिए भी एक महान और पवित्र तीर्थ है। राममंदिर भारतीय संस्कृति की मिसाल बनकर सदैव स्थापति रहेगा।

500 वर्षों के बलिदान का परिणाम
विश्व हिंदू परिषद प्रांत अध्यक्ष चौधरी अमन सिंह का कहना है कि राम मंदिर का निर्माण देश के 500 वर्षों के बलिदान का परिणाम हैं। श्रीराम मंदिर की स्थापना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। आज देश में खुशी का माहौल है। यह एक ऐसा समय है जब देश की दशा और दिशा बदल रही है। हर भारतीय और सनातन की जीत है।

मंदिर के साथ हो रहा देश का विकास
राष्ट्रीय कवि हरिओम पंवार ने कहा कि मोदी और योगी के नेतृत्व में सब सही चल रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला की स्थापना हो रही है। मंदिर के साथ देश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। हमारी उपलिब्ध लगातार बढ़ती जा रही है। मंदिर का सपना पूरा हुआ है। अब और सपने भी साकार होंगे हम ऐसी कामना करते हैं। श्रीराम मंदिर हमारी लाखों वर्षाें की धार्मिक विरासत है।
 
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मेरठ के संत रहे राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय
अखिल भारतीय पंच निर्मोही अखाड़ा महामंडलेश्वर श्रीश्री 108 महेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि मेरठ के कई संत लगातार श्रीराम मंदिर स्थापना के लिए प्रयासरत रहे हैं। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन का हम सालों से सपना देखते आए हैं। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हो हुआ है। आज शाम अयोध्या पहुंच गए हैं। 

श्रीराम का जीवन वेद की जीवंत व्याख्या
गुरुकुल प्रभात आश्रम कुलाधिपति संत शिरोमणि स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने कहा श्रीराम का संपूर्ण जीवन वेद की जीवंत व्याख्या है। श्रीरामलला स्थापना का शुभ अवसर प्रत्येक व्यक्ति के लिए यादगार रहेगा। राम पूर्ण मानव हैं। वे इस संसार में भोगों के प्रति उदासीन हैं। लोग रामायण पाठ अच्छा मनुष्य बनने के लिए करते हैं। 

हमारे लिए यादगार पल बनेगा
अर्जुन अवार्डी अलका तोमर का कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा का पल एक यादगार पल होगा। यह हमारे लिए गर्व की बात हैं कि हम इस भव्य समारोह का हिस्सा बनेंगे। शनिवार को अयोध्या एक्सप्रेस से अयोध्या के लिए रवाना होंगी। उन्होंने बताया कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह वहां से अपने पूरे परिवार को मोबाइल के माध्यम से लाइव दर्शन कराने को प्रयास करेंगी।
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