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पीएम मोदी ने सपा-बसपा और कांग्रेस पर साधा निशाना, जनता की सेहत के लिए खराब बताया 'गठबंधन'

Fri, 29 Mar 2019 10:49 AM IST
कपिल kapil सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को क्रांति की सरजमीं पर थे। 55 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने लोगों से सीधे संवाद ज्यादा किया। पांच साल पहले 2014 की रैली में उनका जो अंदाज था, वो आज भी ज्यों का त्यों नजर आया। 20 सुलगते सवाल दागकर उन्होंने मेरठ के लोगों की नब्ज पकड़ने की कोशिश की। गरीबों के खातों पर सवाल खड़े करने से शुरू हुआ बातचीत का सिलसिला सबूत चाहिए कि सपूत चाहिए... के सवाल तक पहुंच गया। 

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प्रधानमंत्री ने सिवाया टोल प्लाजा के पास आयोजित रैली में 12 बजकर दो मिनट पर माइक संभाला। पहला सवाल किया... जब मैं गरीबों के बैंक में खाते खुलवाता था, तब बड़े बुद्धिमान लोग भाषण देते थे कि देश में पैसे नहीं हैं, गांव का आदमी क्या करेगा। ऐसा कहते थे कि नहीं कहते थे? और जो लोग 70 साल तक बैंकों में गरीबों का खाता तक नहीं खुलवा पाए, वो अब कहते हैं कि तुम्हारे खाते में पैसे डालेंगे। अरे जो खाता नहीं खुलवा सकता, वो खाते में पैसा डाल सकता हैं क्या?

दूसरा सवाल दागा कि मुझे बताइए इन महामिलावटी लोगों की सरकार जब दिल्ली में थी, तब देश में आए दिन बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे? तीसरा सवाल और भी आक्रामक था... पूछा कि ये महामिलावटी आतंकियों को संरक्षण देते थे कि नहीं देते थे? आतंकियों की भी जात और पहचान देखते थे कि नहीं देखते थे? उस आधार पर सजा तय करते थे कि नहीं करते थे? फिर सवाल दागा कि महामिलावटियों की सरकार के वक्त राज्य में बेटियों को इंसाफ मिलता था क्या? मेरठ वाले तो बराबर जानते हैं, जवाब दीजिए बेटियों को इंसाफ मिलता था क्या? इनकी सरकार में गुंडे और बदमाश बेलगाम थे कि नहीं थे? ऐसे लोगों के हाथ में देश सुरक्षित रहेगा क्या? मजबूत देश के लिए मजबूत सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए?

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प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर तीखे सवाल दागे। पूछा कि भाइयों-बहनों आप ही बताइए, देश को हिंदुस्तान के हीरो चाहिए या पाकिस्तान के? 130 करोड़ देशवासियों से पूछना चाहता हूं कि क्या हमें सबूत चाहिए कि सपूत चाहिए? 26 फरवरी को सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल दागा कि हमारे देश के वीर सैनिकों ने जो पराक्रम किया, उसमें थोड़ी सी भी गड़बड़ी हो जाती तो क्या होता। ये लोग क्या करते। पुतले जलाते कि नहीं जलाते? मेरा इस्तीफा मांगते कि नहीं मांगते? सारा दोष मोदी पर देते कि नहीं? दुनियाभर की गाली देते कि नहीं देते? कुछ दिन पहले तक जो लोग इस चौकीदार को चुनौती देते फिरते थे, अब रोते फिर रहे हैं। मोदी ने ये क्यों किया। मोदी ने ये क्या किया। मोदी ने पाकिस्तान में आतंकियों को घर में घुसकर क्यों मारा। ये मोदी ने आतंकवादियों के अड्डे नष्ट क्यों किए। अब रो रहे हैं कि नहीं रो रहे हैं? 

महागठबंधन पर दागा आखिर सवाल
सपा, रालोद और बसपा गठबंधन को ‘सराब’ का नाम देते हुए पूछा कि अच्छी सेहत के लिए इससे बचना चाहिए कि नहीं बचना चाहिए? उत्तर प्रदेश की अच्छी सेहत के लिए बचना चाहिए कि नहीं बचना चाहिए? अच्छे भारत के विकास के लिए इससे बचना चाहिए कि नहीं?

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