मेरठ से लखनऊ के बीच चलने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस को एक बार फिर रद कर दिया गया है। अब ट्रेन एक जुलाई तक नहीं चलेगी। इस बार भी कोयले के अधिक रेल यातायात को कारण बताया गया है। 28 अप्रैल से बंद चल रही राज्यरानी को सातवी बार रद करने का आदेश दिया गया है। इस ट्रेन के न चलने से मेरठ से लखनऊ के लिए सिर्फ नौचंदी ट्रेन का ही सहारा है।
एक तरफ यात्रियों को सुविधा देने के लिए यात्री सेवा समिति ने मंगलवार को निरीक्षण किया। इस दौरान भी रेलवे परामर्शदात्री सदस्य अंकित चौधरी ने अपने ज्ञापन में राज्यरानी एक्सप्रेस के न चलने का प्रकरण उठाया था। इसके बाद भी राज्यरानी को लगातार रद किया जा रहा है। इससे लखनऊ का सफर अब बस से करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों की फौज, लेकिन साधी चुप्पी
मेरठ में तीन राज्यसभा सदस्य, एक लोकसभा सांसद, दो एमएलसी, दो प्रदेश में राज्यमंत्री, तीन विधायक बीजेपी के हैं। इसके बाद भी मेरठ के साथ धोखा है। राज्यरानी ट्रेन का शुभारंभ विशेष तौर पर लखनऊ के लिए कराया गया था। लेकिन दो महीने से बंद चल रही ट्रेन पर कोई भी बोलने को तैयार नही है। एक पत्र भी किसी जनप्रतिनिधि ने रेल मंत्री को नहीं लिखा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।