मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी गंगा एक्सप्रेसवे के लिए हापुड़ रोड स्थित अटौला में निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है। यहां बेचिंग प्लांट लगाने के लिए मशीनों को लाया गया है। जिससे मेरठ से बदायूं तक 129 किमी के मार्ग में निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कंपनियों को जल्द निर्माण शुरू करने के आदेश दिए हैं।
मेरठ से बदायूं तक के चरण को आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाया जाना है। इसके लिए 14 जून को कंपनी ने बोर्ड लगाकर प्रोजेक्ट निर्माण की जानकारी भी दी थी। मेरठ से बदायूं तक 36 महीने में निर्माण कार्य पूरा करना है। अब अटौला गांव में मशीनों को लगाने के लिए पिलर निर्माण शुरू किया जा रहा है। मेरठ के नौ गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है।
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यह है बेचिंग प्लांट
कंक्रीट बेचिंग प्लांट में सीमेंट, रेत, रोड़ी को मिलाया जाता है। इसके बाद ही एक्सप्रेसवे पर सड़क तैयार की जाती है। वहीं, छोटे ब्रिज, पुलिया आदि में लगने वाली निर्माण सामग्री को भी बेचिंग प्लांट में तैयार किया जाता है। इसके बाद ट्रक के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर निर्माण सामग्री को आसानी से भेजा जाता है। बेचिंग प्लांट के लगने से आसपास के लोगों को रोजगार मिलने की संभावनाओं में भी बढ़ोतरी होगी।
ये हैं गांव
बिजौली, बधौली, साफियाबाद लौटी, गोविंदपुरी, खड़खड़ी, अटौला, धनौटा, अतराड़ा गांवों की 181 हेक्टेयर जमीन ली गई है। सभी गांवों में मिट्टी के समतलीकरण का कार्य चल रहा है। किसी भी गांव में कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है। सभी किसानों के खाते में पहले ही मुआवजा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।