वर्षा होने व पुराना मकान होने के कारण घर से कुछ सामान बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद मंगलवार रात से वर्षा होने लगी महेश की पत्नी कविता को मकान गिरने की आशंका हुई। वह अपने बच्चों को मकान से बाहर लेकर निकल गई। तभी उनका मकान भरभरा कर ढह गया। समय रहते परिवार के बाहर निकलने से बड़ा हादसा टल गया।
वहीं मकान गिरने से परिवार का आशियाना छिन गया। कोई मकान या सहारा न होने के कारण पीड़िता ने पड़ोसी के मकान में शरण ली है। वह अपने बच्चों के साथ पड़ोस में रह रही है। समय रहते कविता ओर उसके बच्चों के वहां से हटने पर एक बड़ी घटना टल गई। पीड़िता के अनुसार मकान ढहने से उनका करीब तीन लाख रुपये का सामान दबने से नुकसान हुआ है।
पीड़ित परिवार ने राजस्व विभाग से मुआवजे की मांग की है। सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान हरगोविन्द सिंह ने लेखपाल को सूचना दी। लेखपाल पप्पूशाह ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे जाने तथा नियमानुसार मुआवजे दिलाए जाने की बात कही है।वहीं दो दिन पूर्व भी वर्षा के चलते गांव निवासी आसिफ पुत्र तमर हसन की कच्ची छत ढह गई थी।