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खास खबर: पीवीवीएनएल हर माह कर रहा 15 करोड़ का 'खेल', उपभोक्ताओं को भारी नुकसान

Sat, 01 Jun 2019 11:37 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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पीवीवीएनएल का बिलिंग सिस्टम उपभोक्ताओं को हर माह करीब 15 करोड़ रुपये का झटका दे रहा है। एजेंसियों द्वारा लेट बिलिंग करने से उपभोक्ताओं के पास बढ़ी रीडिंग के बिल पहुंच रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को बढ़ी टैरिफ दरों के भुगतान से नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं इस खेल से पीवीवीएनएल मालामाल हो रहा है। उपभोक्ताओं ने महीने की दस तारीख तक बिल बनकर वितरित किए जाने की मांग की है। 

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पीवीवीएनएल ने घरेलू और कामर्शियल बिजली आपूर्ति के लिए न केवल अलग-अलग टैरिफ तय किया हुआ है, बल्कि यूनिट स्लैब भी निर्धारित किया हुआ है। घरेलू बिजली दरों की बात करें तो पहली 100 यूनिट का चार्ज 3 रुपये प्रति यूनिट है। 101 यूनिट से 150 यूनिट तक 3.50 रुपये और इसके बाद 151 यूनिट से 300 यूनिट तक 4.50 रुपये है। 301 यूनिट से 500 यूनिट तक 5 रुपये और इससे ऊपर यूनिट आने पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट चार्ज लिया जाता है। प्रयोग किए जाने वाले यूनिट स्लैब में ही पावर कारपोरेशन खेल कर उपभोक्ताओं की जेब से अतिरिक्त पैसा निकाल रहा है। विभाग में कार्यरत बिलिंग एजेंसियां हर महीने की दस तारीख तक बिलिंग करने की बजाय इसे 20 तारीख तक ले जाती है। इससे उपभोक्ता द्वारा प्रयोग की जाने वाली बिजली की यूनिट बढ़ जाती है, जिससे टैरिफ बदल जाता है। हर महीने इस्तेमाल की जाने वाली औसत यूनिट से ज्यादा यूनिट पर बढ़ी दरों का बिल भुगतान करना पड़ रहा है। 

हो रही खुली लूट 
पीवीवीएनएल में करीब 62 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें करीब 40 लाख घरेलू उपभोक्ता है। बिलिंग एजेंसियां करीब 5 लाख उपभोक्ताओं का हर महीने लेट बिलिंग कर बिल वितरित करती है। इससे इन उपभोक्ताओं पर बदले टैरिफ के चलते करीब 300 रुपये अधिक का बिल पहुंचता है। इससे उपभोक्ताओं की जेब से हर महीने करीब 15 करोड़ रुपये निकलकर विभाग के खाते में पहुंच रहे हैं।

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बिल नहीं पहुंचने की भी शिकायत कर रहे उपभोक्ता 
बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनके यहां महीने की 20 तारीख तक भी बिलिंग नहीं होती है। मीटर रीडर कालोनी के कुछ घरों या कुछ दुकानों के बिल बनाकर इतिश्री कर लेते हैं। इसके बाद नॉन पेमेंट में उनका कनेक्शन काट दिया जाता है। इसके बाद इसे जुड़वाने के लिए उपभोक्ता को 300 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते हैं। कई मामलों में तो उपभोक्ताओं को बिल जमा करने की ड्यू डेट से एक दो दिन पहले ही बिल मिलते हैं। 

कार्रवाई की जाएगी
सभी बिलिंग एजेंसियों को माह की 10 तारीख तक हर हाल में बिलिंग करने के आदेश दिए हुए हैं। जो एजेंसियां लेट बिलिंग कर रही है उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। किसी भी उपभोक्ता को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - आशुतोष निरंजन, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ

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