पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के बही-खाते में आम उपभोक्ता सरकारी विभागों के मुकाबले दोयम दर्जे के हैं। जिले मेें 34 महकमों पर बिजली का 8.63 करोड़ बकाया है पर किसी का कनेक्शन काटना तो दूर नोटिस तक नहीं दिए गए। वहीं दस हजार बकाया होते ही आम उपभोक्ता की बिजली काट दी जाती है। पांच माह में जिले में 1.16 लाख लोगों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। इनसे 363 करोड़ रुपये वसूलने के बाद बिजली जोड़ दी गई।
शिवशक्ति नगर निवासी मदन लाल पर 10, 480 रुपये बकाया हुआ तो शनिवार को उनकी बिजली काट दी गई। वहीं इंदिरा नगर निवासी राकेश का कनेक्शन भी 12,085 रुपये बकाया होने पर काट दिया गया। शनिवार को माधवपुरम बिजलीघर से जुड़े अशोक कुमार, जगपाल, शगुन पाहवा, हरबीर, जगमत शर्मा, राकेश समेत कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए।
इनमें किसी की परचून की दुकान है तो कोई निजी कंपनी में नौकरी करता है। वहीं निजी बड़े बकायेदारों पर भी विभाग मेहरबान है। अगस्त के अंत तक जिले में 172 उपभोक्ता एक लाख से ज्यादा के बकायेदार थे। इन पर पीवीवीएनएल के 23.63 करोड़ रुपये बकाया थे। इनमें से मात्र 40 के ही कनेक्शन काटे गए। शेष 132 को नोटिस तक नहीं दिए गए।
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सरकारी विभागों पर बिजली के बकाया का हाल
विभाग बकाया
गृह विभाग पुलिस 3.99 करोड़
चिकित्सा शिक्षा विभाग 1.14 करोड़
गृह विभाग कारागार 46.67 लाख
शिक्षा विभाग 84.20 लाख
कृषि दुग्धशाला विकास 31.19 लाख
कृषि पंचायती राज 24.90 लाख
आबकारी विभाग 12 लाख
सिंचाई अधिष्ठान 18.25 लाख
(नोट : 30 अगस्त तक करीब 34 विभागों पर 8.63 करोड़ रुपये बकाया है)
जल्द कसेगा सभी पर शिकंजा
सरकारी विभागों पर जो बकाया होता है उसके संबंध में रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाती है। सोमवार को डीएम को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। एक लाख से बड़े बकायेदारों पर भी जल्द कार्रवाई होगी। -
राजेन्द्र बहादुर, अधीक्षण अभियंता, शहर