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सियासत में हूं नई, पर तैयारी है पूरी : सीमा

Sun, 10 Jan 2016 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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मंच पर सीमा प्रधान
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विकास कार्यों में कमीशनखोरी होगी बंद : सीमा
- अमर उजाला मंच पर नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान
- बोलीं- सियासत में भले नई हूं, पर अपनी प्राथमिकताएं तक कर रखी हैं
- सीमा ने शहर के प्रबुद्धजनों के सवालों के भी बेबाकी से दिये जवाब
 घर में चूल्हे-चौके से निकलकर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाली सीमा प्रधान का इरादा विकास कार्यों में कमीशनखोरी को शत-प्रतिशत बंद करने का है। शनिवार को अमर उजाला के मंच पर उन्होंने इसके प्रति प्रतिबद्धता जताई। साथ ही कहा कि सियासी मैदान में वह भले ही नई हैं, पर उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय कर रखी हैं।

 उन्हें यकीन है कि इनके जरिये वह जिले का संतुलित विकास कराने में सफल होंगी। इस दौरान उन्होंने शहर के प्रबुद्धजनों के सवालों के बेबाकी से जवाब भी दिए। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतने के बाद सीमा प्रधान अमर उजाला मंच के जरिये पहली बार जनता से सीधे रू-ब-रू हुईं। उन्होंने विकास, चुनौतियों और प्राथमिकताओं पर लोगों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने बड़ी ही सहजता से पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी। कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगी।
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 राजनीति में भले ही नहीं आई हैं, लेकिन पति अतुल प्रधान के साथ मिलकर उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली हैं, जो खासतौर से ग्रामीण जनता से जुड़ी हैं। गांवों में शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सुविधा, विद्युत आपूर्ति और यातायात के साधन उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। कहा कि उनका प्रयास यही रहेगा कि सरकार से मिली शत-प्रतिशत राशि गांव के विकास में लगे। किसी तरह की कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार विभागों में न हो।

बोलीं कि दुल्हैड़ा में लगभग दस लाख रुपये खर्च कर एक नाला बनाया गया है, पर उससे एक बूंद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई है। ये कैसा विकास, जिसका जनता को लाभ ही नहीं मिला? जिला पंचायत की आय के माध्यम बढ़ाने होंगे, ताकि ज्यादा विकास कार्य कराए जा सकें। इसके लिए शासन से भी ज्यादा से ज्यादा धन अवमुक्त कराने की कोशिश करेंगी।
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रैपिड फायर राउंड
सीमा प्रधान ने 10 सवालों के सीधे जवाब दिए। कुछ सवालों पर थोड़ी असहज जरूर दिखीं, पर अगले ही पल बेहद सहजता से अपनी बात रखी। बोलीं, हो सकता है कि  वह अभी कम समय जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में दे पाएं, लेकिन इससे विकास के काम प्रभावित नहीं होंगे।

सवाल और जवाब
24 घंटे में से कितना समय जिला पंचायत के कार्यों को देंगी?
कम से कम 12 घंटे।
योजनाएं और नीतियां तैयार करने में पति अतुल प्रधान की कितने प्रतिशत मदद लेंगी?
90 प्रतिशत।
विभागों में कमीशनखोरी  फैली है। इसे कितने प्रतिशत कम करेंगी?
शत प्रतिशत।
पहले परिवार या जिले का विकास?
पहले परिवार। परिवार सुखी तो सब सुखी। फिर जिले का विकास। 90 और 10 फीसदी के अनुपात में।
सदन में 16 सदस्य विपक्ष में बैठेंगे, कैसे मैनेज होगा?
विपक्षियों को भी अपने पक्ष में करेंगे और मिलकर जिले का विकास करेंगे।
क्या अपने बच्चों को सियासत में जाने के लिए प्रेरित करेंगी?
कतई नहीं। इसमें इतनी टेंशन है कि  मैं बिल्कुल अपने बच्चाें को यह सलाह नहीं दूंगी।
जीत का श्रेय किसे देना चाहेंगी पति या पार्टी?
पार्टी को।
यदि एक गांव को आदर्श गांव बनाना चाहें तो किसे, ससुराल या मायका?
ससुराल को।
जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारियां आप निभाएंगी या आपके पति?
मैं ही अध्यक्ष बनी हूं तो मैं ही इस जिम्मेदारी का निर्वहन करूंगी।
महिलाओं के लिए अहम प्लान क्या है?
गांवों में महिलाओं की चिकित्सा का उचित प्रबंध। खासतौर पर महिलाओं की डिलिवरी के लिए उचित चिकित्सा व्यवस्था।
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