संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में तैनात रहे बाबू मनोज सिंह के सेटिंग गेम में जेडी डॉ. महेंद्र देव फंस गए। बाबू ने फाइल में गोलमाल किया, जिससे जेडी को कोर्ट की अवमानना का शिकार होना पड़ गया। अब उन्हें हाईकोर्ट में पेश होना होगा।
कपसाड़ राजकीय इंटर कॉलेज में सेवारत बाबू मनोज कुमार पहले जेडी कार्यालय में तैनात था।
उसने एक फाइल को डिस्पेच करने के बाद अपने पास रख लिया, जबकि कोर्ट ने दो महीने के अंदर मामले का निपटारा करने के लिए जेडी को अधिकृत किया था। कोई निर्णय न होने पर संबंधित पार्टी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने इसे अवमानना का मामला मानते हुए जेडी को 30 जनवरी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का आदेश दिया है। जेडी ने बाबू को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया, लेकिन अभी तक उसने कोई जवाब नहीं दिया है। सोमवार तक बाबू का निलंबन तय माना जा रहा है।
बालैनी कॉलेज का मामला
मामला श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज बालैनी (बागपत) से जुड़ा है। प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर कोर्ट ने जेडी को दो महीने के अंदर अपने स्तर पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया था। कोर्ट का आदेश आने के सात दिन बाद ही जेडी ने मामला निपटाते हुए फाइल जारी कर दी, लेकिन उस वक्त मनोज कुमार जेडी कार्यालय में सेवारत था। बाबू ने जेडी के हस्ताक्षर होने के बाद फाइल डिस्पेच की, लेकिन उसे अपने पास रख लिया।
बाबू का विवादों से पुराना नाता
कुछ महीने पहले बागपत की आदर्श इंटर कॉलेज सिनौली नंगला के प्रधानाचार्य सुखरमपाल सिंह व बुलंदशहर की सेवानिवृत्त शिक्षिका के साथ मनोज कुमार ने मारपीट कर दी थी। दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज भी हुई है। जेडी ने उसका स्थानांतरण कपसाड़ इंटर कॉलेज में कर दिया था।