देश से बढ़कर तो कोई गेम नहीं
शारदानगर निवासी अंकित कहते हैं कि उनके साथ ही अन्य कई दोस्त पबजी के दीवाने रहे हैं। गेम भी काफी अच्छा है, लेकिन जब बात देश या हमारी सरकार से जुड़ी हो तो हम भी उसके साथ है। देश से बढ़कर तो कोई गेम नहीं हो सकता है।
ये नहीं तो और सही, कुछ नया मिल जाएगा
पार्वती धाम निवासी युवा रजत सैैनी का कहना है कि कोरोना काल में तो अधिकतर समय मोबाइल गेम्स पर ही बीतता है। इनमें पबजी भी शामिल रहा है। पता चला है कि इस गेम पर प्रतिबंध लग गया है। ये नहीं तो और सही...कुछ नया मिल जाएगा।
कुछ अन्य गेम्स खेल लेंगे
लेबर कालोनी के सचिन कुमार कहते हैं कि उन्होंने तो कुछ दिन पहले ही पबजी खेलना शुरू किया था। इसलिए अभी इस गेम से इतना लगाव नहीं है। उन्हें क्रिकेट सहित अन्य गेमिंग एप भी अच्छे लगते हैं। विकल्प के रूप में उन्हें आजमा लेंगे।
अभिभावकों को मिलेगी काफी राहत
पबजी की दीवानगी के बीच बच्चों से लेकर युवा तक घंटों तक इस खेल में व्यस्त रहते रहे हैं। इससे उनके अभिभावक भी काफी परेशान रहे हैं। अब पबजी जैसे खेल पर पाबंदी से उन्हें भी कुछ हद तक राहत की उम्मीद है।
इन खेलों को आजमाएंगे
इन युवाओं ने बताया कि अब वे कॉल आफ ड्यूटी, फ्री फायर, फोर्टनाइट, होपलेस लैंड, बैटलग्राउंड रोयल सहित अन्य खेलों को आजमाएंगे। इनके अलावा पहले से पसंदीदा रहे खेल भी मोबाइल पर खेलेंगे।