मंगलवार आधी रात को महविश को भाभी फातिमा ने उसे कॉल करके घर बुलाया और कहा कि तुम्हारे भाई की तबीयत ठीक नहीं है, अस्पताल ले जाना पड़ेगा, तुम जल्दी आ जाओ। महविश ने बताया कि भाई की बीमारी की बात सुनकर महविश तुरंत भाई के घर जाने लगी। तभी रास्ते में भाभी व भाई दोनों मिले और मुझे पकड़कर अंधेरे में ले गए। भाभी के हाथ में चाकू था मेरी हत्या का प्रयास करने लगी।
मोबाइल की रोशनी से पुलिस को हुआ शक
भाई-भाभी युवती की हत्या करने का प्रयास कर रहे थे, तभी मौके से गुजर रही पीआरवी को अंधेरे में मोबाइल की रोशनी दिखाई दी। सुनसान जगह पर रोशनी देखकर पुलिस को बदमाशों के होने का शक हुआ। तभी पीआरवी में बैठे एसआई गौरव नीचे उतरे और घटना की तरफ पहुंचे। वहां देखा कि महविश को उसकी भाभी चाकू से मारने का प्रयास कर रही है। पूछताछ में युवती ने सारी कहानी एसआई को बताई। पुलिस ने तुरंत युवती को बचाकर घर पहुंचाया। भाई को थाने ले आई।
एएसपी विवेक के अनुसार पीआरवी 539 ने क्रिटिकल समय पर पहुंचकर युवती की जान बचाकर सराहनीय कार्य किया है।