उन्होंने कहा कि इस तरह जोश में आकर होश खो देने से कोई लाभ होने वाला नहीं है। इसके उलट इदारों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। शेखुल हदीस सैय्यद अहमद खिजर शाह मसूदी ने कहा कि मदरसों की तारीख गवाह है कि हमने जिम्मेदार नागरिक बनाने का काम किया है। इसलिए सभी की जिम्मेदारी बनती है कि इस नाजुक दौर में सही नेतृत्व किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से विरोध प्रदर्शन का हिस्सा न बनने का आह्वान किया।
वहीं, छात्रों के हंगामे की सूचना पर दारुल उलूम वक्फ पहुंचे एसपी देहात डॉ. विद्या सागर मिश्र व एसडीएम राकेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे और प्रबंधतंत्र के साथ बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने प्रबंधतंत्र ने इदारे की छुट्टी किए जाने का आग्रह किया, लेकिन प्रबंधतंत्र ने दारुल उलूम के निर्णय के बाद छुट्टी किए जाने की बात कही।
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