बता दें कि 2014 के चुनाव में प्रधानमंत्री का चेहरा बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने पहली रैली मेरठ में की थी। इसके बाद 2019 के चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ से ही शंखनाद किया। माना जा रहा है कि मेरठ की इस रैली से प्रधानमंत्री गाजियाबाद, बागपत, गौतमबुद्धनगर, शामली और सहारनपुर तक को साधेंगे।
दूसरी रैली पश्चिम में मुरादाबाद मंडल के किसी एक जिले में हो सकती है। भाजपा का रालोद के साथ गठबंधन हो चुका है। बागपत और बिजनौर लोकसभा सीट रालोद के खाते में गई हैं। ऐसे में चौधरी जयंत भी इस रैली में शामिल होंगे। ऐसा पहली बार होगा जब चौधरी जयंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करेंगे।
रैली को लेकर बनाई रणनीति
प्रधानमंत्री की रैली को लेकर क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। धर्मपाल सिंह ने कहा कि रैली को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारी जुट जाएं। बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह सिसोदिया, लोकसभा प्रभारी संजीव वालिया, क्लस्टर प्रभारी कपिल देव अग्रवाल, प्रत्याशी अरुण गोविल, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, राज्यमंत्री दिनेश खटीक, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज, जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा और मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
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अधिकारियों ने किया निरीक्षण
रैली को लेकर भाजपा नेताओं ने कृषि विवि के ग्राउंड और केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में नए कोल्ड स्टोरेज के बाहर बने ग्राउंड का निरीक्षण किया। इसके अलावा डीएम-एसएसपी ने ग्राउंड में कितने लोग बैठ सकते हैं। कहां-कहां से वाहन आएंगे। कहां पर हेलीपैड और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, इसको लेकर मंथन किया। हालांकि रैली स्थल और समय के बारे में अभी अधिकारिक तौर पर कार्यक्रम नहीं आया है।
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