शहर में पार्किंग और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न करने वाले विवाह मंडपों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। यह कार्रवाई पुलिस और पीएसी मिलने पर निर्भर है। फोर्स मिलने पर होली से पहले या बाद में सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो सकती है। वहीं, मंडप एसोसिएशन ने इसके विरोध का एलान किया है, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है।
स्थानीय निवासी सचिन सैनी ने शहर में लगने वाले जाम से छुटकारा दिलाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसके बाद जुलाई 2019 में भी एमडीए ने नोटिस देकर मंडपों संचालकों को सूचित किया था।
वहीं, शहर में 138 अवैध मंडपों की सूची भी हाईकोर्ट में दी गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इसके बाद एक बार फिर हाईकोर्ट ने इस मामले को नए सिरे से सुनने के लिए छह मार्च की तारीख तय की है। सोमवार को भी पूरे दिन एमडीए के जोनल अधिकारियों ने अवैध मंडपों को नोटिस जारी किए।
एसोसिएशन ने बनाई टीम
इस कार्रवाई का विरोध करने के लिए मंडप एसोसिएशन ने अपने पदाधिकारियों की टीमों को तैनात कर दिया है। चारों जोन में 100-100 सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे साफ है कि एमडीए और पदाधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी बन सकती है। इससे अतिरिक्त पुलिस फोर्स की मांग भी की गई है। जिससे कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की दिक्कत न हो सके।
पुलिस, पीएसी मांगी है
विवाह मंडपों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस-पीएसी की मांग की गई है। मंडपों पर होली से पहले और बाद में सीलिंग कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार पांडेय, एमडीए उपाध्यक्ष