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अमर उजाला पड़ताल: सरकारी आवासों से चोरी हो रहे खिड़की-दरवाजे, जर्जर हुए 300 से ज्यादा आवास

Fri, 16 Oct 2020 11:52 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पानी की टंकियों का ये हो गया है हाल। अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
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जरूरतमंदों को आवास दिलाने के नाम पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन लोगों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मेरठ के लोहियानगर में प्रधानमंत्री आवास के पास ही बने तीन मंजिला 300 से ज्यादा आवास जर्जर हो रहे हैं। यहां से दरवाजे, खिड़की, टॉयलेट आदि सामान चोरी हो रहा है, लेकिन विभाग ध्यान देने को तैयार नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना के निरीक्षण के लिए अक्सर अधिकारी यहां आते हैं, लेकिन किसी ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया।

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लोहियानगर में सपा सरकार के दौरान दुर्बल आय वर्ग के लिए एक कमरे के मकान बनाए गए थे। चार मंजिला इन मकानों में एक तल पर चार मकान बने हैं। कुल तीन ब्लॉक हैं। 

कुछ कॉलोनियों को आवंटित भी किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें निरस्त कर दिया गया। फिलहाल यहां के हालत खराब हैं। रखवाली के लिए एक चौकीदार भी तैनात है। परिसर में ऊंची-ऊंची झाड़ियां उग आईं हैं। किसी माली की ड्यूटी तक नहीं लगाई गई है। 
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पीएम आवास के बन सकते थे विकल्प 
अगर सरकार इन आवासों का सर्वे कराकर इन्हें पीएम आवास के लिए दे देती तो सरकारी धन की बचत हो जाती। एक तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना में धन की कमी आड़े आ रही है। दूसरी ओर पहले से बने ये आवास खंडहर हो रहे हैं। शासन की तरफ से इन आवासों का कोई रिकॉर्ड नहीं मांगा गया। अगर रिकॉर्ड खंगाल लिया जाता तो लोहियानगर में पीएम आवास के लिए बन रहे 128 आवास को इनमें ही शामिल कर उपयोग में लाया जा सकता था। 

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रात में होती है पार्टी
इन आवासों में प्रधानमंत्री आवास योजना में काम कर रहे श्रमिक अपने परिवार संग रहते हैं। उनका कहना है कि यहां रात के समय चोरी हो जाती है। अमर उजाला संवाददाता को आवास के प्रथम तल पर शराब की बोतलें भी मिलीं। इससे साफ है कि यहां चीजें चोरी हो रही हैं। श्रमिकों का कहना है कि आसपास के लोग यहां आकर पार्टी करते हैं। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। 

अधिशासी अभियंता से कॉलोनियों की जांच कराई जाएगी। अगर वहां चोरी हो रही हैं तो चौकीदार तैनात कर दिया जाएगा। - प्रवीणा, सचिव, एमडीए

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