खरखौदा। विद्युत निगम का दोहरी नीति तो देखिए गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद हजारों किसानों के घरेलू व नलकूपों केे कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उनकी तहसील को आरसी भेजी जा रही है। वहीं, सरकारी विभागों पर लाखों रुपये बकाया होने पर भी नरमी बरती जा रही है। उनके न तो कनेक्शन काटे गए हैं और न ही आरसी जारी की गई।
क्षेत्र में कई बार प्राकृतिक आपदा आने, किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाने तथा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। खरखौदा विद्युत उपखंड क्षेत्र के 19 गांवों में 9697 कनेक्शन घरेलू एवं 1803 कनेक्शन नलकूपों के हैं। जिसमें किसानों पर घरेलू कनेक्शनों पर 82.89 लाख तथा नलकूपों के कनेक्शनों पर 45 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। जिसके चलते विद्युत निगम कर्मचारी किसानों के घरेलू एवं नलकूपों के कनेक्शन काट रहे हैं। इतना ही नहीं उनके खिलाफ तहसील को आरसी भेजी जा रही हैं।
वहीं, क्षेत्र की सरकारी संस्थाओं पर करोड़ों रुपये के विद्युत बिल बकाया हैं। जिसमें से थाने पर 12.25 लाख, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 1.76 लाख, खरखौदा रेलवे स्टेशन पर एक लाख, आईटीआई संस्थान पर 1.65 लाख, नगर पंचायत द्वारा कस्बे में लगाए गए 13 वाटर कूलरों पर 13.8 लाख, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पर 3 लाख, महिला महाविद्यालय पर 12 हजार रुपये, 14 गांवों के पंचायतघरों पर 33 लाख रुपये, कस्बा समेत सभी गांवों के सरकारी स्कूलों पर लाखों रुपये बकाया हैं। इतना ही नहीं कस्बा समेत गांव बधौली, पीपलीखेड़ा व कौल समेत अन्य गांव की पेयजल टंकियों के नलकूपों पर करीब दो करोड़ रुपये बकाया हैं। इस प्रकार उक्त सभी संस्थानों पर करीब 2 करोड़ 65 लाख 46 हजार रुपये बकाया हैं। इसके बावजूद विद्युत निगम ने इन पर न तो कार्रवाई की और न ही इनके खिलाफ आरसी जारी की है।
सरकारी संस्थाओं पर है दोगुना बकाया
क्षेत्र के किसानों पर घरेलू एवं नलकूपों पर करीब 1.27 करोड़ रुपये बकाया हैं जबकि सरकारी संस्थाओं पर दोगुने से भी अधिक बकाया हैं। इसके बावजूद विद्युत निगम किसानों पर चाबुक चला रहा है। सरकारी संस्थाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
सरकारी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई का विद्युत निगम के पास अधिकार नहीं है। विद्युत निगम द्वारा सभी संस्थाओं को बकाया जमा कराने की हिदायत दी जा चुकी है। जल्द ही बकाया जमा होना शुरू हो जाएगा।-विनोद वर्मा, अधिशासी अभियंता ग्रामीण चतुर्थ