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धरना-प्रदर्शन: मेरठ-पौड़ी हाईवे पर गड्ढे, फिर भी लगेगा टोल, भाकियू बोली- मांगें नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन

Tue, 02 Jul 2024 01:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर चलने के लिए अब जेब खाली करनी होगी। बहसूमा-मेरठ के बीच छोटा मवाना और किरतपुर के पास भनैड़ा में टोल प्लाजा बनाए गए हैं। किसान यूनियन ने भी आधे अधूरे हाईवे पर टोल की वसूली में आंदोलन की चेतावनी दी है। मंगलवार को सुबह भाकियू कार्यकर्ता टोल प्लाजा पहुंच गए और धरना प्रदर्शन शुरू किया।

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धरना देते भाकियू कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ-पौड़ी हाईवे पर भैंसा गांव के पास टोल व्यवस्था की तैयारी तो शुरू कर दी गई है, लेकिन एनएच-119 से होकर बहसुमा-रामराज जाते समय गहरे गड्ढे जान खतरे में डाल रहे हैं। आठ साल से सड़क गड्ढा मुक्त नहीं हो पाई है। 

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नेशनल हाईवे पर गांव भनेड़ा में स्थित टोल प्लाजा पर शुरू हो रहे टोल टैक्स पर नाराज़गी जताते हुए  किसान संगठनों ने टोल कर्मियों को घेर लिया और धरना देकर बैठ गए। किसानों ने टोल नहीं कटने दिया। किसानों का कहना है कि अभी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ। अभी टोल टैक्स नहीं कटना चाहिए। टोल कर्मचारी और किसानों की बातचीत के बाद यह मामला जिलाधिकारी के पास पहुंच गया है। किसान टोल प्लाजा पर धरने पर जमें हैं।

मंगलवार से हाईवे पर गांव भनेड़ा में टोल टैक्स शुरू किए जाने के लिए आदेश जारी किया गया था। जिसके बाद सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। लेकिन टोल शुरू होने से पहले ही भाकियू टिकैत , भाकियू अराजनैतिक, और  भारतीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने टोल घेर लिया और विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना देकर बैठ गए। किसानों ने निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने एवं कई स्थानों पर बनाए गए अंडरपास पर दुर्घटना होने पर उन्हें सही किए जाने की मांग की।
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एक किलोमीटर में मौत के गड्ढे
रामराज में लगभग एक किलोमीटर के दायरे में मौत के गड्ढे हैं। इन गड्ढों से होने वाले हादसे में कब किसकी जान चली जाए कुछ नहीं पता। जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। अफसरों ने गड्ढा मुक्त की रिपोर्ट भेजकर सरकार को गुमराह कर दिया। तीन दिन पहले निवासियों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया तो गड्ढों को पत्थर से भरकर खानापूर्ति कर दी गई। इसके बाद भी लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।  

सोमवार को अमर उजाला ने गड्ढों में तब्दील सड़क से गुजर रहे लोगों का हाल जाना। गड्ढों में तब्दील पथरीली सड़क पर पसरी कीचड़ में फिसलकर बाइक सवार गिर गए। बाइक सवार मीरापुर निवासी गौरव कुमार बोले कि यहां प्रतिदिन न जाने कितने लोग घायल होते हैं। किसी को जनता की परवाह नहीं है।

मेरठ जिला मुख्यालय से 42 किमी दूर बहसूमा-रामराज है। रामराज में बहसूमा थाना पुलिस चौकी से बहसूमा की तरफ निंदियापुरी तक एक किमी लंबी सड़क पूरी तरह टूटी हुई है। यह मार्ग मेरठ-पौडी यानी एनएच 119 है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों हलके व भारी वाहन गुजरते हैं। 

गड्ढों में तब्दील सड़क और दुर्घटना का शिकार हो रहे लोगों की समस्या के लिए जनप्रतिनिधि ही सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। चुनाव में ही जनता की याद आती है। -अमित बंसल, व्यापारी रामराज

गांव में कोई तालाब नहीं है। इसलिए गंदा पानी सड़क पर बहता है। कई बार एसडीएम को अगवत कराया। कोई समाधान नहीं हुआ। टूटी सड़क से गांव भी बदसूरत हो गया है। -संगीता रानी, प्रधान, सैफपुर फिरोजपुर

गड्ढों में गिरकर मीरपुर के बाइक सवार सुनील की मौत हो चुकी है। कई घायल हुए हैं। अधिकारी सरकार की मंशा पर काम नहीं कर रहे हैं। -विपिन मनचंदा, अध्यक्ष, व्यापार मंडल
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मेरठ-बिजनौर हाईवे पर आज सुबह 7 बजे से टोल शुल्क होगा शुरू
मेरठ-बिजनौर राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर गांव भैंसा के निकट बने टोल पर मंगलवार की सुबह 7 बजे से टोल देने के बाद ही यात्रा कर सकेंगे। एनएचएआई मैनेजर अभय सिंह ने बताया कि मेरठ से लेकर झुनझुनी तक कंपनी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 34 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की सुबह 7 बजे से इस मार्ग पर टोल शुरू हो जाएगा। गांव भैंसा के निकट टोल बनाया गया है। 

उन्होंने बताया कि मंगलवार से टोल देने के बाद ही यात्रा कर सकेंगे। जब उनसे पूछा गया कि कितना टोल किस वाहन के लिए निर्धारित है तथा कौन-कौन से गांव टोल से मुक्त रहेंगे, तो उनका कहना था कि देर रात तक टोल शुल्क की सूची व उक्त गांवों की सूची मिल जाएगी। इसके बाद ही वे बता सकेंगे। 

भाकियू बोली- मांगें नहीं मानी तो टोल नहीं चलने देंगे
मेरठ-पौड़ी हाईवे पर टोल शुरू होने की जानकारी मिलने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम एसडीएम के यहां पहुंच कर विरोध प्रकट किया। बाद में एनएचएआई अधिकारियों और भाकियू कार्यकर्ताओं में वार्ता हुई। वहीं मंगलवार को भाकियू कायकर्ता धरना देने पहुंच गए।
 
सड़क बनाने की नहीं मिली स्वीकृति 
रामराज में पुलिस चौकी से बहसूमा की तरफ 3.30 किमी लंबी व सात मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव है। जिस पर परियोजना निदेशक की स्वीकृति मिलनी है। इसके बाद सड़क बनाई जाएगी। जल निकासी की भी व्यवस्था की जाएगी। -राजेश कुमार गिरी, प्रोजेक्ट मैनेजर एनएचएआई
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