पूर्णिमा
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पूर्णिमा पंचांग के अनुसार, मास की 15वीं और शुक्लपक्ष की अंतिम तिथि है, जिस दिन चंद्रमा आकाश में पूरा होता है। अधिकमास की पूर्णिमा एक अक्तूबर को है। धार्मिक रूप से यह तिथि अपने आप में महत्वपूर्ण है। इस दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा, दान-पुण्य व पवित्र नदी में स्नान का विधान है। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि अधिकमास में किया गया जप, तप, व्रत और दान अक्षय फल देते हैं। लक्ष्मी स्तोत्र या कनक धारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। शास्त्रों में बताया गया है कि इन दोनों का पाठ करने से सभी तरह की ऋद्धि-सिद्धि प्राप्त होती हैं और राजयोग प्राप्त होता है।