फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवती ने खुद को आग लगाकर किया आत्मदाह का प्रयास

विज्ञापन
विज्ञापन
वीडियो वायरल होने के बाद फफूंडा की ओर दौड़े अफसर
विज्ञापन

मेरठ। फफूंडा में पूनम के घर के आसपास पुलिस का सुबह से ही जमावड़ा था। इसके बावजूद उसने अपने हाथ में आग लगा ली। यह तो एक ट्रेलर है कहते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाल दिया। चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो वह एक घंटे में आत्मदाह कर लेगी। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसर फफूंडा की ओर भागे। जांच कराकर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पूनम ने चेतावनी दी थी कि वह 16 जुलाई को आत्मदाह कर लेगी। पुलिस ने पहले मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बातचीत कर उसे समझाने के बजाय आत्मदाह रोकने के लिए पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। पुलिस को पहले यह जानकारी हुई कि वह घर पर नहीं है। बाद में वह घर पर ही मौजूद मिली। पूनम ने दोपहर 1:00 बजे तक एसएसपी मेरठ व जिलाधिकारी को बुलाने की मांग की। एक बजते ही उसने अपने हाथ को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर संदीप भागिया व सीओ किठौर बृजेश सिंह ने पूनम से बात की।
विज्ञापन

पूनम ने 12 बीघे के तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने, गांव में पुलिस की सह पर चल रही सट्टे की खाईबाड़ी को बंद कराने, अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने व जुर्रानपुर फाटक से गांव तक रजबहे की मांग की। एसडीएम सदर ने सभी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ वैधानिक तरीके से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। सीओ किठौर को गांव में चल रहे सट्टे की खाई बाड़ी व हथियारों की सप्लाई को लेकर कार्रवाई करने को कहा।
सबसे पहले मेरे मकान में चले बुलडोजर
पूनम ने बताया कि गांव के कई लोगों ने तालाब पर अतिक्रमण कर घर बना रखा है। उसका मकान भी तालाब में बना है। एसडीएम सदर से कहा यदि तालाब को अतिक्रमण मुक्त किया जाता है तो सबसे पहले उसी के मकान पर बुलडोजर चलाया जाए।
सट्टे की खाईबाड़ी का पुख्ता प्रमाण
पूनम का आरोप है कि गांव में पुलिस की साठगांठ से सट्टे की बड़ी खाई बड़ी होती है। जिस का उसके पास पुख्ता प्रमाण उसके सीसीटीवी फुटेज में कैद है।
प्रशासन पहले भी दे चुका है कार्रवाई का आश्वासन
दो साल पहले भी युवती ने तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर अपने मकान में ही आत्मदाह का प्रयास किया था। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द तालाब को कब्जा मुक्त कराने का आश्वासन दिया था। राजनीतिक दबाव के कारण दो साल में केवल नोटिस चस्पा करने व पुलिस फोर्स की मांग करने तक ही मामला सीमित रह गया।
विज्ञापन

------------
करीब 12 बीघे के रकबे के तालाब में पूर्ण रूप से अतिक्रमण है। अतिक्रमण करने वालों की ओर से दायर किए गए वादों को खारिज कर दिया गया है। जल्द ही इसमें वैधानिक कार्यवाही करते हुए तालाब को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
संदीप भागिया, एसडीएम सदर मेरठ।
---
गांव में सट्टे की खाई बाड़ी की सूचना गलत है इसके बाद भी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बृजेश कुमार सिंह, सीओ किठौर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें