खुले में मीट बेचकर गंदगी मिलने की मिल रही थी एसएसपी अविनाश पांडेय को शिकायत
पुलिस को देखकर 40 से ज्यादा दुकानदार शटर डालकर भागे
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पुलिस ने मंगलवार को नगर निगम टीम के साथ लिसाड़ी गेट चौराहे से लेकर भूमिया पुल और अंजुम पैलेस तक मीट की दुकानों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान खुले में मीट बेचने पर सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल, सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने नाराजगी व्यक्त की। 80 दुकानों को नोटिस दिया गया है। एक किलोमीटर तक बनी 40 मीट की दुकानदार शटर डालकर भाग निकले। भूमिया माता मंदिर के निकट अवैध रूप से संचालित मीट मंडी को चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से पूर्ण रूप से बंद कराया गया। जिन दुकानदारों के पास नगर निगम से लाइसेंस नहीं था, वह शटर डालकर भागे हैं। जिसकी जांच नगर निगम टीम भी कर रही है।
सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल, सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना, नगर निगम के संपत्ति अधिकारी भोला नाथ गौतम और प्रवर्तन टीम सबसे पहले लिसाड़ी गेट चौराहे पर पहुंची। यहां पर दुकानदारों ने न तो हाथों में ग्लव्स पहने हुए थे न ही साफ-सफाई की हुई थी। इतना ही नहीं अतिक्रमण भी दुकान के बाहर किया हुआ था। खुले में मीट बेचा जा रहा था। पुलिस ने मीट व्यापारियों को नोटिस देना शुरू कर दिया। कुछ दुकानदारों को खुले में बिना छींक लगाए मीट बेचने का नोटिस दिया गया है जबकि कुछ दुकानदारों को सड़क पर अतिक्रमण करने का नोटिस थमाया गया है। इतना ही नहीं गंदगी मिलने पर भी नोटिस दिया गया है।
एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव ने दुकानदारों को कहा कि अतिक्रमण की वजह से जाम लगता है, लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। भूमिया माता मंदिर के निकट अवैध रूप से संचालित मीट मंडी को चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से पूर्ण रूप से बंद कराया गया। अभियान की जानकारी मिलने पर 40 से ज्यादा दुकानदार शटर डालकर मौके से भाग गए। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई दुकानदार फूड सेफ्टी एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं। एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई और उनके खिलाफ नोटिस जारी किए गए। मौके पर ही नोटिस चस्पा किए गए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
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