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पुलिस की पाठशाला: SSP अखिलेश कुमार ने छात्राओं के हर सवाल का दिया जवाब

Thu, 29 Nov 2018 09:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एसएसपी अखिलेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
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अच्छा इंसान बनें और देश के विकास में सहयोग दें। हमारा देश और समाज तभी सशक्त बनेगा जब यहां की महिलाएं शिक्षित, सेहतमंद और सशक्त होंगी। छात्राओं को सशक्त बनाने का संदेश देते हुए महिला सुरक्षा, महिला अधिकारों की जानकारी दी गई। अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पुलिस की पाठशाला का आयोजन गुरुवार को मवाना रोड स्थित शांति निकेतन विद्यापीठ में हुआ। इसमें एसएसपी अखिलेश कुमार ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने छात्राओं को हमेशा आगे बढ़ने का संदेश दिया। जीवन का एक लक्ष्य तय करके उसी लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत करने की बात कही। स्कूल प्रिंसिपल विभा गुप्ता, एकेडमिक डायरेक्टर नाजिश जमाली ने स्वागत किया। संचालन प्रियंका ने किया। 

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हेल्पलाइन हमेशा आपकी सेवा में हाजिर 
एसएसपी ने छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए उन्हें 1098 वूमेन हेल्पलाइन, डायल 100 के बारे में बताया। इन हेल्पलाइन की मदद से आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इन पर पहचान भी गोपनीय रहती है। छात्राओं से कहा कि 100 मिलियन स्माइल्स का मतलब हर चेहरे पर खुशी है। यह खुशी आप सभी के सहयोग से ही संभव है।

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छात्राओं के सवाल, एसएसपी के जवाब
सवाल- पुलिस वाले स्वयं हेलमेट नहीं पहनते, उन्हें क्यों नहीं रोका जाता? -हर्षिता
जवाब- नियम सभी के लिए समान है। जो पुलिसकर्मी यातायात नियमों का पालन नहीं करते उन पर भी एक्शन लिया जाता है। 
सवाल- पुलिस शब्द सुनकर दिमाग में लड़के की इमेज क्यों आती है, क्या लड़की पुलिस में नहीं हो सकती? -रिया
जवाब- यह समाज की एक सोच है कि पुलिस, सेना का नाम सुनकर दिमाग में लड़कों की इमेज बनती है, जबकि अब लड़कियां भी इस क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ रही हैं।
सवाल- जब पुलिस हेल्पलाइन पर सुनवाई न हो तो क्या करें? -मुस्कान
जवाब- डायल 100, 24 घंटे जनता की सेवा में रहती है। किसी कारणवश मदद न मिल पाए तो संबंधित थाने में शिकायत करें।
सवाल- लड़कियों को सिक्योरिटी के नाम पर बाहर जाने से क्यों रोका जाता है? -दिव्यंका
जवाब- हमारा समाज पुरुष प्रधान हैं, जहां आज भी लड़कियों को कम आंका जाता है। इस सोच को अपनी सफलता से बदलना होगा। ऐसा हो भी रहा है। अब लोगों की सोच में काफा बदलाव आया है।
सवाल- सड़क पर गाड़ियों की जांच हो तो महिला पुलिस क्यों जांच नहीं करती? -जसिका
जवाब- महिलाओं की जांच और बयान लेने की जिम्मेदारी महिला पुलिस की ही होती है, लेकिन सड़क पर वाहन की जांच होती है, महिलाओं की जांच नहीं होती इसलिए महिला पुलिस की जरूरत नहीं होती।
सवाल- किसी दुष्कर्म के आरोपी को तुरंत क्यों नहीं मारा जाता? -कोमल
जवाब- अपराध चाहे जो भी हो उस पर सजा सुनाने की एक प्रक्रिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सजा तय होती है। यही हमारे देश की न्यायिक व्यवस्था है। 
सवाल- क्या पुलिसवालों को सरकार वेतन नहीं देती, जो पुलिस रिश्वत लेती है? -खुशी
जवाब- भ्रष्टाचार समाज की बड़ी समस्या है, लेकिन ऐसे भ्रष्ट लोगों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। उनको सजा दी जा रही है। 
सवाल- अपराधी 18 साल से कम है तो उसे गंभीर अपराध पर भी कम सजा क्यों मिलती है? -खुशी कुमारी
जवाब- हर अपराध की अलग सजा तय है। 18 साल से कम उम्र के अपराधी को कितनी सजा मिले इस पर देश में निर्भया मामले में लंबी बहस हो चुकी है। काफी बदलाव भी कानून में हुए हैं।
सवाल- यदि हम पुलिस लाइन में करियर बनाना चाहें तो क्या करें? -काजल
जवाब- स्नातक के बाद सिविल सर्विस की परीक्षा होती है। उसे पास करने के बाद ही इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। 
सवाल- हमारी पुलिस सीआईडी सीरियल के दया की तरह लोगों की मदद क्यों नहीं करती? -आस्था
जवाब- यह गलत सोच है, हमारी पुलिस भी इन्हीं सुपरहीरो की तरह लोगों की मदद करती है। हमेशा लोगों की सहायता के लिए खड़ी रहती है। 
सवाल- पुलिस हमेशा अमीरों को छोड़कर गरीबों को ही सजा क्यों देती है? -अक्षरा
जवाब- कानून के लिए अमीर-गरीब सब बराबर हैं। जो भी अपराधी हो उसे सजा जरूर मिलती है। कोई अपराधी यह सोचे कि वो पुलिस से बच जाएगा तो ऐसा नहीं होता। पुलिस से कोई नहीं बचता।
सवाल- टीवी पर जो क्राइम शो आ रहे हैं, उससे अपराधियों को बचने का नया तरीका मिलता है इस पर रोक क्यों नहीं लगती? -अंशिका
जवाब- ये सच है कि तमाम क्राइम शो, सीरियल अपराधियों के लिए नए-नए अपराध के तरीके दे रहे हैं, लेकिन पुलिस भी मजबूत हो रही है।

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