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पुलिस ने गाजियाबाद से बरामद की अपह्रत बच्ची

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पुलिस द्वारा बरामद की गई अपह्रत बच्ची अपनी मां के साथ। - फोटो : SARDANA
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जानीखुर्द(मेरठ)। रसूलपुर धौलड़ी गांव से अपहरण की गई आठ साल की बच्ची को पुलिस ने 24 घंटे के बाद बुधवार दोपहर गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस को देख आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने देर शाम बच्ची को परिजनों को सौंप दिया। बच्ची अपने भाई के गले लगकर काफी देर काफी देर तक रोती रही।
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रसूलपुर धौलड़ी से मंगलवार देर शाम सतीश कश्यप की आठ वर्षीय बेटी अंजलि अपने छोटे भाई हर्षित और चचेरे भाई अंकुर के साथ घर के पास गली में खेल रही थी। इस दौरान बाइक सवार युवक किसी ग्रामीण के घर का पता पूछने के बहाने बाइक पर बैठाकर ले गया था। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना की जानकारी पर पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई। रात में एसएसपी अजय साहनी, एसपी देहात अविनाश पांडे, सीओ सरधना पंकज कुमार, सीओ दौरान जितेंद्र सरगम ने धौलडी पहुंचकर ग्रामीणों और परिजनों से जानकारी ली। रात में ही जानी, सरूरपुर, रोहटा, परतापुर, सरधना, गंगानगर आदि थानों के साथ सर्विलांस, एसओजी ने जंगलों में बच्ची और अपहरण करने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चल पाया। बुधवार सुबह पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था।
कविनगर में दबिश देकर की बरामद
दोपहर में पुलिस ने एक जानकारी पर गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र की चौकी के पास एक घर में दबिश दी। इस दौरान आरोपी युवक पुलिस को देखकर बच्ची को छोड़कर फरार हो गया। देर शाम पुलिस गाजियाबाद से बच्ची को लेकर जानी थाने पहुंची। पुलिस ने बच्ची का डॉक्टरी परीक्षण कराया। इसके बाद बच्ची को परिजनों को सौंप दिया। जानी थाना प्रभारी योगेंद्रपाल सिंह के अनुसार बच्ची के अपहरण करने में ग्रेटर नोएडा के गांव तुषाणा के पंकज का नाम प्रकाश में आया है। बच्ची को अपहरण करने का कारण पता नहीं चल पाया है। पंकज की गिरफ्तार के प्रयास किए जा रहे। पंकज की रिश्तेदारी जानी क्षेेत्र के गांव जखेड़ा में बताई गई है। पंकज ने धौलड़ी के बागों में मजदूरी पर काम भी किया है।
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परिजनों को देखते ही रोने लगी बच्ची
जानीखुर्द। अपहरण की बच्ची अंजलि थाने में मौजूद परिजनों को देखकर रोने लगी। वही परिजनों की भी आंखें भर आई। काफी देर तक अंजलि अपने छोटे भाई हर्षित से गले मिलकर रोती रही। रोते हुए अंजलि ने पापा सतीश को बताया कि जो युवक उसे ले गया था उसने खाने के लिए कुछ नहीं दिया।
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