घटना के विरोध में परिजनों ने हंगामा किया। चार घंटे तक शव नहीं उठने दिया। मृतक के भाई प्रमोद ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस 40 घंटे बाद भी खाली हाथ है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की, लेकिन पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा।
घटना के बाद से परिजन व ग्रामीण भयभीत है, क्योंकि वर्ष 2014 में इसी तरह तीन घटनाएं हुई । तीन ग्रामीणों की हत्या कर दी । पुलिस घटना का आज तक खुलासा नहीं कर पाई। एएसपी रण विजय सिंह ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए दो टीमें लगाई । संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया हुआ है। घटना का जल्दी खुलासा किया जाएगा।
पुलिस का डॉग सड़क पर जाते ही रूक गया
पुलिस ने बताया कि किसान की हत्या करने के बाद आरोपी किसी वाहन में सवार होकर भाग थे। डॉग स्क्वायड की टीम ने मंगलवार रात में ही पहुंच कर जांच की थी। पुलिस का डॉग घटना से सड़क तक जाता और फिर रुक जाता। जिससे साफ है कि आरोपी हत्या करने के बाद सड़क पर खड़े वाहन में सवार होकर भाग गए।