'अफजाल की मुखबिरी की थी, इसलिए फंसाया’
पुलिस कस्टडी में दोनों आरोपियों ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने गांव के अफजाल को गोकशी में पकड़वाया था। तब से आरोपी रंजिश रखते हैं। हम परिवार के साथ बाहर गए हुए थे, अफजाल और उनके साथियों ने हथियार घर में रखकर फंसा दिया।
पड़ोसी की है लाइसेंसी राइफल
आरोपियों के घर से मिली 315 बोर की राइफल उनके पड़ोसी मिनाज की है। आरोपियों ने बताया कि आजकल मिनाज का मकान बन रहा है, जिसके चलते उसने अपनी लाइसेंसी राइफल उनके घर में रख दी थी। पुलिस उसे भी ले आई है।
हत्या के मामले में जा चुके हैं जेल
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि आरोपी 1999 में गांव में एक हत्या के मामले में भी जेल जा चुके हैं। इनके खिलाफ पुराने मामलों की भी जानकारी की जा रही है। इनके खिलाफ उस समय भी हत्या के साथ ही अवैध हथियारों की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
ये हुई बरामदगी
- एक राइफल 315 बोर
- एक देशी बंदूक 12 बोर
- एक तमंचा डबल बैरल .303
- एक तमंचा 12 बोर- 23 कारतूस थ्री नॉट थ्री
- पांच कारतूस 315 बोर
- 29 खोखे 315 बोर
- 208 कारतूस 12 बोर
- छह किलो छर्रे
फरार आरोपी
एसपी सिटी ने बताया कि फरार आरोपियों में शबनम पत्नी शवी अख्तर, रुबिना पत्नी रजी अख्तर, शादाब, वशी अख्तर पुत्र सदरुद्दीन, मिनाज, जहीन पुत्र जाहिद, शमीम निवासी टंकी वाली गली नई बस्ती लावड़ की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
आरोपियों को हथियार बेचने वाला शमीम है पार्षद
शबी ने पूछताछ में बताया कि वह लावड़ निवासी पार्षद शमीम से हथियार लेता था। शमीम 2012 में बिहार से मुंगेर की पिस्टल लाते समय मोदीनगर में गिरफ्तार किया गया था। उसका बेटा अब्दुल्ला भी दो बार हथियारों के साथ पकड़ा गया है। लॉक डाउन में उसने पुलिस वालों पर तमंचा तान दिया था। वर्तमान में शमीम लावड़ नगर पंचायत में पार्षद है, पत्नी पिछले कार्यकाल में पार्षद रह चुकी है।