आरोपियों के पास से 180 आधार कार्ड और 92 डेबिट-क्रेडिट कार्ड हुए बरामद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। साइबर सेल और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने फर्जी जनसेवा केंद्र संचालित कर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले दो आरोपियों कोतवाली के गोला कुआं निवासी निजामुद्दीन व उसके बेटे अकरम को रविवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, बैंक पासबुक और फर्जी मोहरें बरामद की हैं। आरोपियों ने 2 साल से फर्जी जन सेवा केंद्र खोल रखा था।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि रविवार को साइबर सेल और लिसाड़ी गेट पुलिस ने क्षेत्र में संचालित जनसेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी निजामुद्दीन व अकरम गरीब और अशिक्षित लोगों को झांसे में लेकर उनकी पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज तैयार कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। आरोपियों द्वारा फर्जी रबर स्टैंप और सील मोहर का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।
आरोपियों ने विभिन्न बैंकों में खोले गए खातों के जरिए ऑनलाइन लेनदेन कर अवैध लाभ कमाया। खातों का उपयोग ऑनलाइन पेमेंट ऐप के माध्यम से धन के हस्तांतरण में किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 92 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 10 बैंक पासबुक, पांच चेक बुक, 139 वोटर आईडी कार्ड, 16 ब्लैंक हेल्थ कार्ड, 180 आधार कार्ड, 97 पैन कार्ड और 10 रबर स्टैंप व सील मोहर बरामद की हैं। एक बैंक खाते के संबंध में असम राज्य से एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज होना भी सामने आया है। एसपी क्राइम का कहना है कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले को लेकर गंभीरता से जांच की जा रही है।
दो साल से चल रहा था फर्जी जन सेवा केंद्र
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले बिना रजिस्टर्ड कराए जन सेवा केंद्र खोला था। आरोपी सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बन चुके थे। आरोपियों के ज्यादातर खाते प्राइवेट बैंक में है। पुलिस प्राइवेट बैंक में जाकर मामले की जांच करेगी। वहीं लापरवाह बैंक कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पिता निजामुद्दीन बीएससी बीएड की पढ़ाई कर चुका है।
देश विरोधी गतिविधियों को लेकर भी की जा रही जांच
एसपी क्राइम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों से संबंधित जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कुछ संदिग्ध लोगों के फर्जी आधार कार्ड बना दिए थे। पुलिस के अलावा खुफिया विभाग भी मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। पुलिस आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट को भी खंगाल रही है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल व लैपटॉप की टेक्निकल जांच कर रही है।
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