उत्तर प्रदेश में सहारनपुर परिक्षेत्र के चिह्नित प्रमुख दस मामलों में शामिल पॉक्सो एक्ट के एक मामले में कोर्ट ने आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। डीआईजी ने केस की पैरवी करने वाले पैरोकार को सम्मानित किया है।
पुलिस उप महानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल द्वारा अपने परिक्षेत्र के पॉक्सो एक्ट से संबंधित दस सबसे जघन्य अपराध जो न्यायालय में चार्ज फ्रेम हो चुके हैं, उनका चिन्हीकरण करके उनकी प्रभावी पैरवी कराने के लिए गोष्ठी की। इसमें अपर निदेशक अभियोजन, मंडल सहारनपुर एवं जिला शासकीय अधिवक्ता, तीनों जनपदों के मॉनिटरिंग सेल प्रभारियों, अभियोग से संबंधित पैरोकारों को अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने हेतु निर्देषित किया। इसके तहत 15 जुलाई 2016 को मुजफ्फरनगर के नगर कोतवाली में तंजीम निवासी किदवईनगर पर छह साल की बच्ची को बहला फुसलाकर ले जाने एवं दुष्कर्म के बाद हत्या करने के दर्ज मामले को चिह्नित किया।
यह भी पढ़ें: कोर्ट ने बच्ची के हत्यारे को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, लगाया 30 हजार का जुर्माना
डीआईजी के निर्देशन में एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम, मुजफ्फरनगर दिनेश कुमार शर्मा एवं नगर कोतवाली के आरक्षी पैरोकार बलराम सिंह द्वारा प्रभावी पैरवी कराते हुए बुधवार को आरोपी को सजा दिलाई। एडीजे कोर्ट आठ द्वारा आरोपी तंजीम को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
डीआईजी ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए आरक्षी पैरोकार बलराम सिंह पुरस्कृत किया। डीआईजी ने शेष अभियोगों के संबंध में भी प्रभावी पैरवी कराकर अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने के निर्देश दिए।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/