बताया गया कि नगर निगम की टीम से पहले वहां सुभाष चंद्र अपनी पत्नी के साथ पहुंच गए। पिटबुल अपने मालिक को देख उनके पैरों में लेट गया, जिसके बाद पुलिस ने उनसे एक प्रार्थना पत्र लेकर पिटबुल को उन्हें सौंप दिया था।
इसके बाद मेडिकल थाने में पिटबुल के कई दावेदार पहुंचे और उसे अपना बताया। पुलिस ने जब उनसे साक्ष्य मांगे तो वह कुछ नहीं दिखा पाए। बुधवार को जागृति विहार निवासी एक महिला भी थाने पहुंची और पिटबुल डॉग को अपना बताया। महिला ने कहा कि उन्होंने उसे तीन महीने पहले ही खरीदा था। पुलिस ने महिला से पिटबुल का कोई वीडियो दिखाने को कहा तो वह नहीं दिखा पाई।
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इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने बताया कि दो दिन में पिटबुल के कई दावेदार आने के बाद पुलिस ने सुभाष चंद्र को साक्ष्य लेकर थाने बुलाया। उन्होंने पिटबुल के सभी साक्ष्य पुलिस को सौंपे। जिसके बाद पुलिस ने पूरी लिखा-पढ़ी कर अन्य दावेदारों को वापस लौटा दिया।