मंगलवार को प्रशांत का मेडिकल टेस्ट होना था और बाकी के 2.50 लाख रुपये देने की बात हुई थी। एसटीएफ ने नरेश की घेराबंदी कर उसको गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नरेश ने बताया कि वह सन 2009 में सेना में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग सिग्नल कोर हेड क्वार्टर-3 ईडब्लू ब्रिगेड पुणे में है। वह हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है।
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बताया कि वह अपने भाई सौरभ, तनुज और गायत्री नगर शाहजहांपुर हापुड़ निवासी संदीप तोमर के साथ मिलकर सेना में भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों से सन 2018 से ठगी करता है। एसटीएफ ने फरार सौरभ, तनुज और संदीप की तलाश में कई जगह पर दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।