कुख्यात विकास दुबे के एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए सपा नेता ने हाईकोर्ट में याचिका डाली है। जिसमें कहा कि वह शातिर बदमाश था और सफेदपोश और कई बड़े अधिकारियों की पोल खोलना चाहता था। इसलिए उसने उज्जैन में खुद को सरेंडर किया था।
मेरठ में शास्त्रीनगर स्थित आर्य समाज मंदिर के समीप रहने वाले सपा नेता अभिषेक सोम ने कुख्यात विकास दुबे को एनकाउंटर में मारने के संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें कहा कि विकास दुबे कई सफेदपोश और अधिकारियों की पोल खोलने जा रहा था। इसके डर से उसे फर्जी मुठभेड़ में मार दिया। उससे कौन-कौन बड़े लोग जुड़े थे। इसका पता लगाने के लिए मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। यही शहीद पुलिसकर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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मददगारों को सजा कैसे मिलेगी
दुर्दांत अपराधी विकास दुबे मारा गया परंतु उसके मददगारों को सजा कैसे मिलेगी। पुलिस उसके मददगारों की चेन नहीं बना पाई। इसके पीछे मददगारों का सत्ता से जुड़ा होना हो सकता है।
विकास दुबे का खात्मा सराहनीय कदम
आठ पुलिसकर्मियों के हत्यारोपी कुख्यात विकास दुबे का खात्मा अच्छा कदम है। इसके लिए जनता को आगे आकर पुलिसकर्मियों का सम्मान करना चाहिए।
- योगेश बंसल पूर्व ब्लाक प्रमुख।
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