मेरठ। शहर के पुराने इलाके में तो लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। वहीं, छावनी क्षेत्र में भी लॉकडाउन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिस जहां सख्ती कर रही है वहीं, कैंट बोर्ड टीम बेबस दिख रही है। हालांकि यहां 20 हजार सैन्यकर्मी और उनके परिजन रहते हैं।
सब एरिया हेडक्वार्टर से छावनी क्षेत्र के लिए निर्देश जारी किए थे। जिसमें लॉकडाउन के दौरान कुछ लोगों को छोड़कर कोई भी यहां से बिना पास के नहीं निकल पाएगा। पहले दिन सख्ती रही परंतु व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आई। छावनी क्षेत्र में रविवार को कई जगह स्थिति खराब नजर आई।
दोपहर में सोफिया स्कूल के बाहर रिक्शे वालों का जमावड़ा लगा था। वहीं, सड़कों पर महिलाएं और पुरुष बिना रोकटोक आते-जाते दिखे। दोपहर दो बजे इंडाना बार चौराहे के समीप फल विक्रेता खड़े थे। माल रोड पर दौड़ती गाड़ियों को भी रोकने वाला कोई नहीं दिखा। शाम को कैंट में हालात चौंकाने वाले दिखे।
सदर नया बाजार में शाम करीब पांच बजे लोग सड़कों पर चहलकदमी कर रहे थे। लॉकडाउन क्या होता है शायद उन्हें पता नहीं था। सदर पत्ता मोहल्ले में करीब सवा पांच बजे सड़कों पर लोग बेवजह घूमते नजर आए। यही हाल सदर बाजार में शाम साढ़े पांच बजे दिखा। बच्चे, महिलाएं और पुरुष सड़कों पर खड़े दिखे। सदर पुलिस स्ट्रीट में लोग जमा थे।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया
शाम को करीब पौने छह बजे वीरबाला पथ पर खाना बांटने के लिए एक कार रुकी तो लोगों की लाइन लग गई। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक उड़ाया जा रहा था। हालांकि खाना बांटने वालों के लिए भी स्पष्ट गाइड लाइन है।
बेहद गंभीर हैं ये हालात
सैन्य क्षेत्र में लापरवाही बरतना बेहद गंभीर है। यहां सेना की महत्वपूर्ण यूनिट हैं। सैनिक भी बाहर आते हैं। इसके बावजूद यहां की संवेदनशीलता को समझा नहीं जा रहा है।