सर्वदलीय पार्षद दल में सेंधमारी की समीक्षा शुरू
मेरठ। नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा की जीत के बाद महापौर खेमे ने सर्वदलीय पार्षद दल में लगी सेंधमारी की समीक्षा शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि भितरघात करने वालों के नाम धीरे-धीरे छनकर बाहर आने लगे हैं। बसपा पार्षद दल नेता धर्मवीर सिंह का चुनाव हारना अप्रत्याशित माना जा रहा है। धर्मवीर का कहना है कि उन्हें हार का नहीं, धोखा होने का दुख है। वह इसकी पड़ताल में जुटे हैं। पूरे मामले की शिकायत हाईकमान से करेंगे।
शनिवार को हुए कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा और महापौर खेमे के चार-चार सदस्य चुनाव मैदान में उतरे थे। छह सदस्यों के इस चुनाव में भाजपा ने चार सीटों पर कब्जा कर महापौर खेमे को बड़ा झटका दिया था। इस खेमे के सदस्य प्रदीप वर्मा को एक भी वोट नहीं मिला था। सवाल उठता है कि प्रदीप ने अपना भी वोट किसे दिया।
वहीं बसपा के 17 सदस्य होने के बाद भी पार्षद दल नेता धर्मवीर को चुनाव में केवल 11 वोट मिले। आखिर छह वोट कहां गए? हालांकि सपा ने 24 सदस्यों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने दोनों सदस्यों इकरामुद्दीन और नाजरीन को जिता लिया। चुनाव में सबसे ज्यादा सेंधमारी बसपा और युवा सेवा समिति के सदस्यों में हुई है।