2010 में बीटेक करने के दौरान उसकी मुलाकात बिहार के मधुबनी निवासी सुभाष प्रकाश एवं अतुल वत्स से हुई। दोनों भोपाल के विभिन्न कॉलेजों में पैसा लेकर एडमिशन कराने का गैंग चलाते थे।
2019 में उसकी मुलाकात भोपाल निवासी तरुणेश अजारिया उर्फ गुरुजी से हुई, जो पेपर लीक कराकर भर्ती कराने का गैंग चलाता था। राजीव नयन ने अपना कंसलटेंटी का ऑफिस खोल लिया। इसके जरिए वह युवाओं को नौकरी लगवाने का झांसा देकर पेपर आउट कराता।
रवि अत्री के साथ मिलकर लीक कराया पेपर
एसटीएफ के मुुताबिक अतुल वत्स ने राजीव नयन की मुलाकात पेपर लीक गैंग के डाॅ. शरद से कराई थी। इसके बाद शरद ने उसे नोएडा निवासी रवि अत्री से मिलवाया। रवि अत्री और राजीव नयन ने मिलकर यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराया था। राजीव नयन ने अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के रीवा स्थित शिव महाशक्ति रिसॉर्ट में लगभग 300 परीक्षार्थियों को पेपर पढ़वाया था।
इसके अलावा उसने रवि अत्री, विक्रम पहल उर्फ हवलदार व अन्य सदस्यों के साथ गुरुग्राम के ग्रीन वैली रिसॉर्ट में भी काफी अभ्यार्थियों को पेपर पढ़वाया था।
उसने बताया कि झांसी में बंद मोनू गुर्जर, रजनीश रंजन तथा गौतमबुद्धनगर जेल में बंद मोनू पंडित, गौरव तथा प्रमोद पाठक उसके पुराने परिचित हैं। ये सभी मिलकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में विभिन्न प्रकार से धांधली करके पैसा लेकर भर्ती कराने का गैंग चलाते हैं।