मोहिउद्दीनपुर में तेज रफ्तार इको वैन ने सड़क पार करते ई-रिक्शा को टक्कर मारी, नौ साल के बालक की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पापा हम लोग आ रहे हैं, दोपहर तक आपके पास पहुंच जाएंगे। फिर खूब मस्ती करेंगे। मोहिउद्दीनपुर निवासी प्रदीप अपने कलेजे के टुकड़े की राह देखते रहे। बेटा अंकुश (9) की जगह उसकी मौत की खबर आई तो वह बेसुध हो गए। मोहिउद्दीनपुर में तेज रफ्तार इको वैन ने सड़क पार करते ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में मां की गोद से उछलकर अंकुश सड़क पर जा गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।
मोहिउद्दीनपुर निवासी प्रदीप फर्नीचर बनाने का काम करते हैं। मंगलवार दोपहर उनकी पत्नी पूजा अपने मायके मोदीनगर के सिकरी गांव से बेटे अंकुश और बेटी वामिका के साथ ई-रिक्शा से मोहिउद्दीनपुर आ रही थीं। दिल्ली रोड पर दीपक होटल के सामने सड़क पार कर रहे ई-रिक्शा को पीछे से आ रही तेज रफ्तार वैन ने टक्कर मार दी। अंकुश रिक्शा से उछलकर सड़क पर जा गिरा, जबकि पूजा, वामिका और चालक रोहित ई-रिक्शा के नीचे दब गए। टक्कर के बाद वैन चालक मौके से भाग निकला। आसपास के होटल और ढाबों पर मौजूद लोग घटनास्थल पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल अंकुश को सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया। सिर में गंभीर चोट होने के कारण अस्पताल में उपचार के दौरान अंकुश की मौत हो गई। एएसपी अंतरिक्ष जैन का कहना है कि वैन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है, गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मौत बनकर आई वैन ने छीन ली परिवार की खुशियां
तीन दिन पूर्व पूजा बच्चों को लेकर अपने मायके में चाचा की बेटी की शादी में शामिल होने गई थी। मंगलवार को लौटते समय वैन चालक की लापरवाही के कारण मासूम अंकुश मौत मौत के मुंह में समा गया। अंकुश की मौत की सूचना पर पहुंच रहे ग्रामीण परिवार को सांत्वना दे रहे थे। अंकुश मोहिउद्दीनपुर के स्कूल में पहली कक्षा का छात्र था। अंकुश की मौत की खबर सुनकर बहन वामिका और मां पूजा का रोते हुए बुरा हाल हो गया।
पढ़ने में होशियार था अंकुश
अंकुश अपने परिवार का इकलौता चिराग था। परिवार में वह सभी का लाडला था। पिता प्रदीप ने बताया कि दुकान पर वह उनका इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अंकुश की मौत की खबर आ गई। पड़ोसियों ने बताया कि अंकुश बहुत हंसमुख स्वभाव का था। पढ़ने में बहुत तेज था।