शादी चार फरवरी की थी। 31 जनवरी को नकुल, विकास, लवकुश, पवन, राजू, वरुण, महेंद्र, अवनीश, करन, मनोज उसके घर आए और उसकी पत्नी रेशा से कार्ड वापस मांगा। रेशो ने इसे अपमान बताया तो आरोपियों में से एक ने पत्नी को थप्पड़ मार दिया।
उन्होंने बताया कि गांव में हिंदू समाज की महापंचायत में उनके परिवार को बिरादरी से निकाल दिया गया था। अब उन्हें दूसरा धर्म अपनाने या फिर गांव छोड़ने की धमकी दी जा रही है। इसकी शिकायत पुलिस से करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
सत्यपाल के अनुसार एक फरवरी को उसकी बेटी की शादी थी। दूसरे पक्ष ने गांव के हिंदुओं को कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया। उसने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष से इस मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/