कचहरी शूटआउट यानी नितिन गंजा हत्याकांड में आरोपी कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन भदौड़ा पुलिस अफसरों और भारी फोर्स की मौजूदगी में अपना वोट डाल गयी। सुमन को छोड़ने कलक्ट्रेट गेट तक जहां खुद अतुल प्रधान आए तो भीतर उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रत्याशी सीमा प्रधान लेकर गई।
इसके बाद सबसे पहले सुमन भदौड़ा की वोट डाली गयी और वह अकेले ही चहलकदमी करते हुए कलक्ट्रेट परिसर से बाहर आ गयी। लेकिन किसी भी पुलिस अधिकारी ने सुमन भदौड़ा को टोकना तो दूर देखकर भी उल्टे मुंह फेर लिया।
‘अमर उजाला’ ने बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि नितिन हत्याकांड से नाम बाहर करने के बदले वोट की राजनीति हो रही है। ऐसे में सुमन भदौड़ा का वोट डलना तय है। इसकी पटकथा मंगलवार शाम ही तय हो गई। अपने जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र लेने जब सुमन कलक्ट्रेट में पहुंची थी तो उस समय वहां अतुल प्रधान और सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह स्वयं मौजूद थे।
जबकि नितिन हत्याकांड में सुमन आपराधिक षड्यंत्र रचने की धारा में नामजद होने के साथ पुलिस रिकॉर्ड में वांछित है। सुमन भदौड़ा की वोट अतुल प्रधान के पक्ष में कराने के लिए योगेश के करीबी पपीत बढ़ला ने अहम भूमिका अदा की और वह लगातार सुमन भदौड़ा के प्रतिनिधि के रुप में अतुल प्रधान के साथ मौजूद रहे।