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अब नेताजी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की होगी जांच

Wed, 30 Dec 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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अब जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्यों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। जिससे भाजपा आरोप लगा रही है कि ऐसा सत्ता पक्ष के दबाव के कारण राजनीति के तहत हो रहा है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए जंग तेज हो गयी है। प्रत्याशी घोषित होते ही एसएसपी ने सदस्यों को जबरन गनर देने का फरमान जारी किया, जिसे लेकर पुलिस-प्रशासन को नवनिर्वाचित सदस्यों का विरोध झेलना पड़ा। अधिकांश सदस्यों ने गनर नहीं लिये।

इसके बाद आपराधिक प्रवृत्ति वाले सदस्यों का ब्यौरा शासन को भेजा गया और उनसे संबंधित थाना प्रभारियों को भी अलर्ट किया गया। भाजपा का आरोप है कि नवनिर्वाचित सदस्यों के परिजनों पर भी दबाव बनाया जा रहा है, इसी के तहत सोमवार को मवाना रोड स्थित भाजपा नेता दिनेश खटिक की कालोनी पर एमडीए दस्ता पहुंच गया। भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद एमडीए टीम बैरंग लौटी थी।
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मंगलवार को सदस्यों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच का फरमान जारी हुआ है। भाजपा से जिपं सदस्य डा. मीनाक्षी भराला के पास तहसील सदर के कानूनगो का फोन गया। कानूनगो ने डा. मीनाक्षी भराला से मूल शैक्षिक प्रमाण पत्रों की कॉपी मांगी है। डा. मीनाक्षी का कहना है कि वह लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुई हैं, पिछली बार तो ऐसा कोई आदेश नहीं आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आदेश सिर्फ भाजपा सदस्यों पर दबाव बनाने के लिए है।

‘निर्वाचन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई’
अपर जिलाधिकारी प्रशासन दिनेश चंद्र ने बताया कि डीएम के आदेश पर निर्वाचन प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई की जा रही है। चुनाव के समय कुछ सदस्य खुद को अनपढ़ बताते हुए हेल्पर की मांग करते हैं। ऐसे में प्रशासन पहले ही सुनिश्चित करना चाहता है कि कितने सदस्य निरक्षर हैं, जिन्हें हेल्पर की जरूरत पड़ सकती है। चुनिंदा नहीं, बल्कि जांच के दायरे में सभी सदस्य हैं। लेकिन दिनेश चंद्र यह नहीं बता पाये कि यदि सदस्य यह लिखकर देता है कि वह शिक्षित है, तब भी उसके मूल प्रमाण पत्र क्यों मांगे जा रहे हैं।

वोट दो, नहीं तो ब्लैक लिस्टेड
भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री जयकरण गुप्ता ने बताया कि एक जिला पंचायत सदस्य के दो बेटे एमडीए में ठेकेदारी करते हैं। मंगलवार को एमडीए अधिकारियों ने दोनों को बुलाकर साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनके कहने से वोट नहीं दी, तो ब्लैक लिस्टेड कर दिए जाओगे। भाजपा ऐसे किसी भी दबाव में नहीं आएगी।

गनर बैठा रह गया, सदस्य गायब
आसिफाबाद समसपुर निवासी जिला पंचायत सदस्य मुन्ना गिर को पुलिस ने जबरन गनर उपलब्ध करा दिया था। दो दिन पूर्व गनर घर के बाहर बैठा रह गया और मुन्ना गिर चुपके से आउट आफ स्टेशन हो गए।
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