चौथे और अंतिम चरण का मतदान प्रशासन के लिए अलग तरह की चुनौती पेश करेगा। ठाकुर चौबीसी के साथ ही जाट, गुर्जर बेल्ट भी इस चरण में शामिल होने से माहौल संवेदनशील रहेगा। अहम यह है कि यहां तीन बड़े नेताओं में सीधी जंग हो रही है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जहां संगीत और अतुल आमने-सामने हैं, तो कई अन्य के निशाने पर इस चरण में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह भी हैं।
अंतिम चरण के चुनाव में सरधना विधानसभा क्षेत्र, सरूरपुर, सरधना और दौराला ब्लॉक शामिल हैं। तीनों ब्लॉक जाट, गुर्जर और ठाकुर बहुल हैं। इस चरण में जिला पंचायत के वार्ड छह से 14 तक का चुनाव होगा। हालांकि, मुस्लिम भी यहां बराबर की टक्कर दे रहे हैं।
सरधना क्षेत्र में ठाकुर चौबीसी में मूंछों की लड़ाई से निपटना पुलिस-प्रशासन की चुनौती होगा। इसके बाद ठाकुर चौबीसी से लगी गुर्जर, जाट बेल्ट से पार पाना चुनौती। वजह यह कि कई वार्ड ऐसे हैं, जिनमें ठाकुर, गुर्जर और जाट बहुल गांव हैं। ऐसे वार्डों में स्थिति ज्यादा संघर्षपूर्ण होगी।
सियासी वर्चस्व बनेगा चुनौती
सरधना की राजनीति में इस समय विधायक संगीत सोम और सपा नेता अतुल प्रधान सक्रिय हैं। दोनों नेता एक- दूसरे के खिलाफ कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव में वर्चस्व कायम करने की जंग में इन दोनों का आमना-सामना होना तय माना जा रहा है, जो प्रशासन के लिए सबसे ज्यादा मुसीबत बन सकता है।