भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश नेतृत्व ने मेरठ में सोमवार रात जिला पंचायत के सभी 33 वार्डों के प्रत्याशी घोषित कर दिए। इस सूची में दो पुराने चेहरों को जगह मिली है। बाकी सभी नए चेहरे हैं। अहम बात ये है कि निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह की दावेदारी खारिज करते हुए वार्ड 32 से निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रोहताश पहलवान को दोबारा चुनाव में उतारा गया है। तमाम विरोध के बीच पार्टी ने लगातार तीसरी बार डॉ. मीनाक्षी भराला को उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा ने वार्ड एक से चिक्की, वार्ड दो से वेदवती, वार्ड तीन से संदीप प्रधान, वार्ड चार से राजेंद्र वाल्मीकि, वार्ड पांच से पूनम चौधरी, वार्ड छह से अनुराधा सैनी, वार्ड सात से अनीता, वार्ड आठ से पूजा, वार्ड नौ से मीरा सोम, वार्ड 10 से राहुल चौहान, वार्ड 11 से सुनील प्रधान, वार्ड 12 से मुकेश शास्त्री, वार्ड 13 से मीनाक्षी भराला, वार्ड 14 कपिल शर्मा, वार्ड 15 से बेघराज सिंह गुर्जर, वार्ड 16 से उरेंद्र प्रधान, वार्ड 17 से संदीप ढडरा, वार्ड 18 गौरव चौधरी, वार्ड 19 से रविंद्र तितोरिया, वार्ड 20 से प्रदीप कुमार, वार्ड 21 से ऋषि त्यागी, वार्ड 22 से रोबिन गुर्जर, वार्ड 23 से अनीता तोमर, वार्ड 24 से योगेंद्र जाटव, वार्ड 25 से समीर चौहान, वार्ड 26 से सरोज, वार्ड 27 से रजनी त्यागी, वार्ड 28 से धर्मेंद्र खटाना, वार्ड 29 से बोबी पाल, वार्ड 30 से चित्रा देवी, वार्ड 31 से विनेश, वार्ड 32 से रोहताश पहलवान और वार्ड से 33 सुमित्रा को प्रत्याशी बनाया है।
जातिगत समीकरणों में गुर्जर हावी
जनपद के देहात क्षेत्र में गुर्जरों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके मद्देनजर भाजपा ने उनका प्रतिनिधित्व भी ज्यादा रखा है। भाजपा ने गुर्जर बिरादरी से 10 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं, जबकि ठाकुर छह, जाट पांच, दलित पांच, वाल्मीकि और त्यागी 2-2 हैं। ब्राहमण, सैनी और पाल बिरादरी से एक-एक प्रत्याशी बनाया गया है।
विधायकों की सिफारिश नहीं मानी गई
प्रत्याशियों की सूची में विधायकों को झटका लगा है। सरधना विधायक ठा. संगीत सोम को दो झटके लगे हैं। वार्ड 14 से वह धर्मेंद्र भारद्वाज को प्रत्याशी बनाने की पैरवी कर रहे थे, वहां संगठन से जुड़े और बागपत सांसद डॉ. सत्यापाल सिंह के खास कपिल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वहीं वार्ड 11 से सुनील प्रधान का प्रत्याशी बनना भी सोम के लिए झटका है। सिवालखास में विधायक और जिलाध्यक्ष के विरोध के बावजूद वार्ड 13 से मीनाक्षी भराला को प्रत्याशी बनाकर दोनों को झटका दिया गया है। इसी तरह हस्तिनापुर में विधायक दिनेश खटीक के भाई नितिन खटीक का वार्ड चार से टिकट नहीं दिया गया। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह भी विधायकों की लामबंदी के चलते उम्मीदवार नहीं बनाए गए।
अब सबकी नजर बागियों पर
तमाम दावेदार सूची जारी होने के बाद खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस पर है कि कौन बागी होकर चुनाव मैदान में उतरता है या विरोधियों को चित करने के लिए गुटबाजी के तहत किसे-किसे चुनाव मैदान में उतारा जाता है। पार्टी में भितरघात की चर्चा के साथ यह भी कहा जा रहा है कि दावेदार दूसरें दलों के उम्मीदवार बन कर भाजपा प्रत्याशियों के लिए कड़ी चुनौती पेश करेंगे।
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