एटीएस कार्यालय मेरठ में शनिवार को चली चार घंटे की पूछताछ में सामने आया कि साल 2021 में फेसबुक के जरिए सत्येंद्र पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट के संपर्क में आया। मैसेज के बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल होने लगीं।
हनी ट्रैप में फंसकर सत्येंद्र महिला को भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय के बारे में गोपनीय जानकारियां भेजने लगा। सत्येंद्र के बैंक अकाउंट में कितने पैसे आए, इसके बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं हुई है।
25 वर्ष में पकड़े जा चुके हैं 18 आईएसआई एजेंट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का नेटवर्क बहुत पुराना है। 25 वर्ष के भीतर 18 आईएसआई एजेंट अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें 16 स्थानीय हैं, जबकि दो बाहरी हैं।
पिछले ढाई दशक की बात करें तो अभी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक पाकिस्तानी और दूसरा जम्मू कश्मीर का आईएसआई एजेंट पकड़ा गया है। बाकी आईएसआई एजेंट मेरठ और आसपास के जिलों के रहने वाले हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे तमाम मामले सामने आए हैं, जिनमें हनी ट्रैप के जरिए भारतीयों को फंसाकर गोपनीय जानकारियां हासिल की गई हैं।
मेरठ में 1997 से अब तक पकड़े गए एजेंट
1. जाकिर अली पुत्र प्रहमूद खां, उलधन, थाना खरखौदा
2. सुरैया पत्नी जाकिर वालिक, ऊंचा सद्दीकनगर, मेरठ
3. शाहिद पुत्र यासीन, शेरखान, थाना सरधना
4. मुनक्का पत्नी यामीन, किस्तपंजान, लिसाड़ी गेट
5. सज्जो पत्नी यामीन, बनीसराय थाना कोतवाली
6. सलीम कुरैशी पुत्र अब्दुल रशीद, गुदड़ी बाजार, थाना कोतवाली
5. शाह हसन अंसारी पुत्र इमामुद्दीन, किदवईनगर, लिसाड़ी गेट
8. अब्दुल हक पुत्र जमदेश, कैली, थाना दौराला
9. अफसर अली पुत्र स्वर्गीय वशीर अहमद, मुरलीपुर, कंकरखेड़ा
10. खलील हुसैन पत्र कबील हुसैन, मेंढर, जम्मू कश्मीर
11. अमीर अहमद पुत्र सईद अहमद, बंजारान, नकुड़, सहारनपुर
12. मोहम्मद नासिर पुत्र नासिर अहमद, कबाड़ी बाजार, मेरठ
13. मुकीम पुत्र नफीस, जावतागंज, नजीबाबाद, बिजनौर
14. आसिफ अली पुत्र कासिम अली, देहली गेट, मेरठ
15. सुनीत कुमार पुत्र देशराज, पालमपुर कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
16. सलीम उर्फ पतला पुत्र अब्दुल रहमान, गोला कुआं, लिसाड़ी गेट
17. मोहम्मद इजाज पुत्र मोहम्मद इश्ताक, इस्लामाबाद, पाकिस्तान
पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव महिलाएं सोशल मीडिया पर सक्रिय
सूत्रों ने बताया कि सतेंद्र को मोटी रकम और महंगे गिफ्ट का प्रलोभन देकर बरगलाया गया। सतेंद्र अभी अविवाहित है, ऐसे में वह इन महिलाओं के लिए सॉफ्ट टारगेट था।जासूसी के आरोप में एटीएस की गिरफ्त में आया सतेंद्र से तीन साल पहले जासूसी के आरोप में बिहुनी के पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
उसे वर्ष 2020 में महज सात साल की नौकरी करने के बाद वीआरएस दिला दिया गया। उसके बाद भी वह लगातार देश व सैन्य जानकारी पीआईओ को भेजता रहा। पीआईओ के माध्यम से बैंक खातों में फंडिंग भी कराता रहा। पिछले कुछ सालों में फर्जी नामों से पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) की महिलाएं सक्रिय रही हैं।