अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-7 ने एक अधिवक्ता के विरुद्ध फर्जी साक्ष्य देने और मुकदमे दर्ज कराने के प्रयास के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश अधिवक्ता संजय खुराना की शिकायत पर उनके भाई विजय खुराना और भतीजों तरुण खुराना व जतिन खुराना के खिलाफ दिया गया है।
संजय खुराना ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह 1997 से वकालत कर रहे हैं। उनके भाई विजय खुराना और भतीजे उन्हें फंसाने का प्रयास करते हैं। अधिवक्ता ने कहा कि उनके भाई विजय खुराना के साथ उनका संपत्ति विवाद था, जो पहले ही सुलझ चुका है। इसके बावजूद विजय खुराना उनसे रंजिश रखे हुए हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में संजय खुराना के खिलाफ की गई शिकायतें गलत पाई गई थीं। न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि संजय खुराना के भाई और भतीजों के साथ उनके मुकदमे चल रहे हैं।
न्यायालय ने पाया कि संजय खुराना द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के समर्थन में फोटोग्राफ पत्रावली पर मौजूद हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने इसे प्रथम दृष्टया अपराध माना। कोर्ट ने विजय खुराना और उनके बेटों जतिन खुराना व तरुण खुराना के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया।