आवासीय क्षेत्रों को चिह्नित कर बनाई योजना
एमडीए मानसून के दौरान पेड़ लगाने की शुरुआत करेगा। इस बार आवासीय क्षेत्रों को चिह्नित कर योजना बनाई गई है। पेड़ों को आवासीय क्षेत्रों के पांच किलोमीटर के क्षेत्रफल के बीच में लगाने की तैयारी है।
गंगानगर क्षेत्र इसी के मद्देनजर चिह्न्ति किया गया है। यहां आसपास कई आवासीय कॉलोनियां आसपास ही हैं। सघन पौधरोपण होने से क्षेत्रवासियों को भी ऑक्सीजन मिलेगी। साथ ही पेड़ों की रखवाली भी आसान होगी। खाली स्थानों या सुनसान स्थलों पर पेड़ों की रखवाली विभाग के कर्मचारी नहीं कर पाते हैं।
गंगानगर डिवाइडर रोड पर नीम, किला परीक्षितगढ़-मवाना रोड पर लगेंगे पीपल के पेड़
गंगानगर डिवाइडर रोड की लंबाई लगभग 2.5 किमी है। इसमेें तीन लेयर बांटकर नीम के पेड़ लगाए जाने हैं। इसी तरह किला परीक्षितगढ़-मवाना रोड भी लगभग तीन किमी की है। इसके किला रोड से चलने पर बाएं किनारे पीपल के पेड़ लगाए जाने हैं। यहां पेड़ लगाने के लिए काफी खुला स्थान है।
औषधीय गुणों के साथ मिलेगी छाया
नीम का पेड़ धरती के कल्पवृक्ष के नाम से जाना जाता है। कोरोना काल में नीम की पत्तियों को उबालकर पीने से कई रोगों से छुटकारा मिला। इसी को ध्यान में रखते हुए एमडीए ने स्वास्थ्य के साथ-साथ छाया की दोहरी सुविधा देने की योजना तैयार की है।
नीम 15-20 मीटर लंबाई तक पहुंच जाता है। इसकी छाल कठोर होती है। इसके अलावा पीपल का पेड़ पूजा जाता है। इसकी छाल के उपयोग से पेट साफ रहता है। वहीं, दोनों पेड़ अन्य पेड़ों की अपेक्षा 20 प्रतिशत ऑक्सीजन अधिक देते हैं।