आरटीआई में अब ऑनलाइन कॉपी देख सकेंगे छात्र-छात्राएं
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्घ कॉलेजों के छात्र-छात्राएं अब आरटीआई के तहत ऑनलाइन कॉपी देख सकेंगे। इससे छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कैंपस में भीड़ भी कम होगी। इसको लेकर जल्दी ही सॉफ्टवेयर पर काम शुरू हो जाएगा। ये निर्णय सोमवार को कैंपस में हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया है। इसके अलावा प्रैक्टिकल लेने के लिए जो शिक्षक कॉलेजों में जाते हैं, उनकी लिस्ट बोर्ड ऑफ स्ट्डीज से पहले ही ले ली जाएगी। उधर इस बार प्राइवेट परीक्षा में 235 सेंटर फॉर्म भरने के लिए बनाए जाएंगे। हादसे आदि के कारण पेपर दे सकने में अक्षम छात्र-छात्राएं जो राइटर रखेंगे वह एक साल के अंतराल पर 12वीं से होगा।
सीसीएसयू कैंपस में सोमवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं। परीक्षा समिति में निर्णय लिया गया कि अब तक सेेमेस्टर में मार्कशीट अपडेट नहीं होने की शिकायतें सामने आतीं हैं। छात्र-छात्राओं के परीक्षा देने के बाद भी अवॉर्ड सीट में नंबर अपडेट नहीं होने के कारण मार्कशीट अपडेट नहीं हो पाती है। जिसके कारण छात्रों को विवि में भटकना पड़ता है। इसको लेकर सॉफ्टवेयर बनाए जाएगा जिससे कि परीक्षा देने के बाद नंबर आने पर चार्ट अपडेट हो सके। आरटीआई में कॉपी देखने के मामले में ऑनलाइन सिस्टम पर मुहर लगा दी गई। अभी तक जिन छात्र-छात्राओं को नंबर कम आने की शिकायत रहती है, वह विवि में आकर आरटीआई लगाकर कॉपी की फोटो स्टेट लेते हैं। इससे छात्र-छात्राओं को दूसरे जिले से कैंपस में आना पड़ता है, इसके साथ ही विवि में भी भीड़ रहती है। अब छात्र-छात्राएं कॉपी देखने के लिए आरटीआई लगाएंगे तो विवि उनकी कॉपी को स्कैन कराकर ऑनलाइन दिखाने की व्यवस्था करेगा। इसके अलावा परीक्षा में राइटर को लेकर भी बदलाव किया गया है। अभी तक कई बार छात्र-छात्राएं ऐसा राइटर ले आते थे जो ग्रेजुएट होता था, लेकिन वह खुद की डिग्री 12वीं की दिखाता था। ऐसे में अब वही 12वीं छात्र राइटर बन सकेंगे जो एक-दो साल पहले ही 12वीं पास हुए हैं।