आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे बावली गांव निवासी हरिपाल (97) की सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इससे परिवार व गांव में शोक छा गया। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम व सीओ ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बागपत में हरिपाल पुत्र फूल सिंह ने सोमवार की सुबह 10 बजे अंतिम सांस ली। अपने पीछे वह दो बेटे ओमपाल व नरेंद्र और दो बेटियां सामवती व राजेंद्री को रोता-बिलखता छोड़ दिए।
परिजनों के मुताबिक उन्होंने 18 वर्ष की उम्र में सिंगापुर में सुभाष चंद्र बोस द्वारा बनाई गई आजाद हिंद फौज में भर्ती हुए थे। आजादी के लिए अंग्रेजों से टक्कर ली थी। पांच साल तक वह अज्ञातवास में रहे। अब अधिक उम्र होने के कारण अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी मौत की सूचना पर एसडीएम दुर्गेश मिश्र, सीओ रामानंद कुशवाहा ने गांव पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ बरवाला रोड स्थित श्मशान पर उनके अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि बड़े बेटे ओमपाल ने दी।
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