लूट और चोरी की रिपोर्ट लिखवाने के लिए अब आपको थानों के बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। अब घर बैठकर लखनऊ ई-थाने में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकते है। मेरठ शहर के चौराहों और थानों में लखनऊ ई-थाना में यह सिस्टम शुरू होने के पोस्टर सोमवार को चस्पा हो गए। जिस पर ई-मेल और व्हाट्स एप नंबर लिखा हुआ है।
ऐसे दर्ज कराएं शिकायत
चेन, पर्स स्नैचिंग, वाहन चोरी या फिर घरों में चोरी होने के मामले में संबंधित थाना पुलिस को सूचना देने के बाद अपना प्रार्थना पुलिस वेबसाइट या फिर लखनऊ ई-थाने के व्हाट्स एप नंबर पर भेजें। जिसमें आपको घटना के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। अगर संबंधित जानकारी लेनी होगी तो ई-थाने की पुलिस आपसे सीधा संपर्क करेंगी। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के 21 जनपदों में इसकी शुरूआत होने की बात की गई है। सोमवार को कई चौराहों और थानों में लखनऊ ई-थाने के पोस्टर चस्पा कराए गए, ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा हो सके।
यह देनी होगी जानकारी
घटना का विवरण (समय, दिनांक, स्थान और पुलिस थाना), हस्ताक्षर, पूरा नाम और पता (जिला और राज्य सहित), मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, आधार कार्ड का नंबर, विदेशी नागरिक के हेतु पासपोर्ट (फोटो कॉपी) और वीजा की प्रति। इसको उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट पर भेजना होगा।
संबंधित थानेदार को दें सूचना
जिस थानाक्षेत्र में घटना हुई है, वहां के थानेदार के सीयूजी नंबर पर वारदात की जानकारी जरूर दें। ताकि वह भी लखनऊ के ई-थाने को आपके केस में मदद कर सके। यदि विवेचना के दौरान जरूरत पड़ेगी तो लखनऊ ई-थाने की पुलिस लोकल पुलिस से संपर्क करके जानकारी जुटा सकेगी।
यह सूचना गोपनीय रहेगी
लखनऊ ई-थाने में दर्ज मुकदमे गोपनीय होंगे। अधिकांश महिलाएं या कुछ लोग लूट या चोरी के मामले किसी से नहीं बताना पसंद करते। इसलिए पुलिस वादी से बातचीत करके अपनी विवेचना की जानकारी ऑनलाइन भेजेगी। आरोपियों पर कार्रवाई भी जल्द करने का दावा किया गया है।
मेरठ से पांच एफआईआर
पुलिस के मुताबिक मेरठ जिले से अभी तक पांच एफआईआर ऑनलाइन हुई हैं। जिसमें दो अधिकारी और तीन व्यापारी बताए गए हैं। पांचों लोगों ने संबंधित थाना पुलिस को सिर्फ एक कॉल कर वारदात की जानकारी दी है। पुलिस उनके मामलों की विवेचना कर रही है।
थाना पुलिस लगा रही पलीता
लखनऊ ई-थाने के पोस्टर भले ही शहर के थानों में लगे हो। लेकिन लोकल थाना पुलिस सरकार के अभियान में पलीता लगा रही है। सोमवार को कई लोगों ने ई-थाने के बारे में पूछा तो पुलिस ने जवाब दिया कि यह कागजी कार्रवाई है, मजबूत कार्रवाई तो लोकल पुलिस करती है।