सोशल मीडिया के माध्यम से भी वह जेल में बंद भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई के लिए कैंपेन चलाता रहा है। विनय रतन का घर भी थाने से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई और कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी।
कोर्ट के आदेश पर थाने के एसआई केपी सिंह पुलिस फोर्स के साथ शनिवार शाम छह बजे फतेहपुर भादों स्थित उसके घर पर कुर्की से पहले का नोटिस (धारा 82) चस्पा कर दिया। हैरत की बात यह रही कि जिस वक्त पुलिस नोटिस चस्पा कर रही थी, उस समय विनय रतन खुद गेट पर खड़ा यह देख रहा था।
उधर थानाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने बताया कि जो एसआई नोटिस चस्पा करने गए थे वे नए हैं। वे विनय रतन को पहचानते नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने विनय से जब उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम सचिन बताया। इस पर एसआई नोटिस चस्पा करके वापस लौट गए। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/