मेरठ........लिसाडी गेट के तारापुरी में बच्चे गायब होने के बाद हंगामा करते परिजन बाद मे तलाशने के बाद ब?
मेरठ। लिसाड़ी गेट क्षेत्र में मंगलवार को तीन बच्चे चोरी होने का शोर मचाते हुए एक महिला पर हमला बोल दिया गया। महिला को एक मकान में बंधक बना लिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस से भीड़ ने हाथापाई कर दी। सीओ कोतवाली कई थानों का फोर्स लेकर पहुंचे और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। पुलिस ने बताया कि बच्चे बरामद हो गए हैं।
लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के श्यामनगर में एक अधिवक्ता के मुंशी शकील के घर पर उनकी मां मां खुस्नुब और सात साल का बेटा साहिन मौजूद थे। आरोप है कि रूबीना नाम की एक महिला वहां पहुंची और बुजुर्ग महिला खुस्नुब को कमरे में बंधक बना लिया। आरोपी महिला घर में लूटपाट कर साहिन को जबरन ले जाने लगी। खुस्नुब के शोर मचाने पर महिला वहां से भाग निकली। लेकिन लोगों ने इसे तारापुरी में तीन बच्चे चोरी होने का शोर मचाकर पकड़ लिया। भीड़ ने महिला की पिटाई करनी शुरू कर दी। अख्तर नाम के युवक ने महिला को बचाने का प्रयास किया। उसको भी भीड़ ने पीटा। महिला को एक मकान में बंधक बना लिया गया। तीन बच्चों के गायब होने की जानकारी लगने पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। सूचना पर लिसाड़ी गेट थाने की पुलिस भी पहुंच गई। लेकिन भीड़ ने पुलिस से भी हाथापाई कर दी। भीड़ बार-बार महिला से पूछ रही थी कि बताओ बच्चे कहां गायब किए हैं। माहौल खराब होने की जानकारी पाकर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, इंस्पेक्टर रघुराज सिंह समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस का कहना है कि तीनोें बच्चों खुद ही गए थे। जो कि बाद में लौट आए।
महिला की जान लेना चाहती थी भीड़
तीन बच्चे चोरी करने का शोर मचाकर भीड़ आरोपी महिला की जान लेना चाहती थी। पुलिस भीड़ को समझाने लगी। लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी जिसको लेकर खूब हंगामा हुआ। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। महिला खुद को बेकसूर बताती रही। लेकिन कोई भी उसकी सुनने को तैयार नहीं था। लोग शोर मचा रहे थे कि बच्चे इसी महिला ने चोरी किए हैं।
माइक से ऐलान, अफवाहों पर न दें ध्यान
तीनों बच्चों की बरामदगी के बाद पुलिस ने लिसाड़ी गेट क्षेत्र में माइक से ऐलान किया। कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें। बच्चों चोरी होने की अफवाह उड़ाई जा रही हैं। किसी ने सोशल साइट पर इसको वायरल करने या उन्माद फैलाने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। कोई शिकायत हो तो सीधे पुलिस से बताएं। भीड़ जमा करने की जरूरत नहीं है।