प्रधानमंत्री की एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट पर वीडियो कांफ्रेंसिंग टली
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के ड्रीम प्रोजेक्ट की वीडियो कांफ्रेंसिंग को टाल दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को प्रोजेक्ट की समीक्षा करने वाले थे। इसको लेकर एनएचएआई अधिकारियों में हड़कंप मचा था। इसमें प्रधानमंत्री अभी तक किए गए एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य की रिपोर्ट लेने वाले थे। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद कुमार ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग को टाल दिया गया है।
पिछले एक माह से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का कार्य सुस्त गति से बढ़ रहा है। कभी बारिश तो मिट्टी के न मिलने से कार्य की गति बढ़ नहीं पा रही है। एनएचएआई अधिकारियों का दावा है कि मौसम के साफ होने के बाद कार्य को तेज गति से साथ किया जाएगा। हालांकि, नई डेडलाइन में दिसंबर 2019 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रधानमंत्री ने नोएडा में दिसंबर 2015 में चार चरणों में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की घोषणा की थी। घोषणा के करीब पौने चार साल बाद चार में से एक ही चरण निजामुद्दीन से यूपी गेट पूरा हो पाया है। अब पीएमओ ने सभी चरणों की अंत तक हुई प्रगति की रिपोर्ट मांगी है।
चौथे चरण का काम अभी अटका
सबसे अधिक परेशानी डासना से मेरठ चरण में देखने को मिल रही है। यहां कई स्थानों पर जमीन का अधिग्रहण पूरा नहीं हो सका है। इस कारण प्रोजेक्ट में सबसे अधिक देरी हो रही है। इस चरण का कार्य जून 2017 मेें शुरू किया गया था। इस चरण में अभी 50 फीसदी ही का काम पूरा हो सका है।
कमिश्नर ने टाल दी इनर रिंग रोड की बैठक
इसके बाद मेरठ शहर को चारों तरफ से जोड़ने वाली इनर रिंग रोड की बैठक को भी 30 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है। कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में एनएचएआई, एमडीए, पीडब्लूडी अधिकारियों को बुलाया गया था। लेकिन यह बैठक भी अब 30 अगस्त को होगी। वहीं, इसी दिन कमिश्नर की अध्यक्षता में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की समीक्षा बैठक भी आयोजित होगी।