रविवार को भोपाल सिंह को निजी अस्पताल में दिखाया था, सीटी स्कैन में उनके फेफड़ों में सूजन आई। उनका ऑक्सीजन स्तर 70 पर आ गया था। रविवार को खतौली स्वास्थ्य केंद्र पर परिजनों ने उनका कोरोना टेस्ट भी कराया। सुबह भोपाल सिंह को भर्ती कराने के लिए परिजन जिला अस्पताल आ गए।
इससे पहले उन्होंने ढाई सौ रुपये का ऑक्सीजन वाला छोटा काम चलाऊ सिलिंडर भी लिया। कुछ देर उससे ऑक्सीजन दी, लेकिन फिर हालत बिगड़ने लगी। एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचे और कर्मचारियों को जानकारी दी। स्टाफ ने पूछा कि इनकी कोरोना रिपोर्ट लाइए तो भंवर सिंह ने बताया कि कल टेस्ट कराया है, अभी रिपोर्ट नहीं आई है। स्टाफ ने उनको भर्ती करने से इनकार कर दिया।
बेटा भंवर सिंह चिल्लाता रहा कि इनको ऑक्सीजन तो लगा दो। भर्ती कर लो, फिर टेस्ट करा लेना, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। बूढ़ा बीमार शरीर कब तक सहन करता। भोपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। कर्मचारी मुंह नीचे करके भीतर घुस गए। भोपाल सिंह के शव को परिजन गांव ले गए।