मुजीबुल्लाह के पास से एनआईए को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (यूएनएचआरसी) में पंजीयन का कार्ड भी मिला है। बताया गया कि छात्र का कोई मामला न्यायालय में विचाराधीन है और एनआईए की टीम कोर्ट के आदेश पर ही उसे अपने साथ लेकर गई है। हालांकि, इस संबंध में स्थानीय अधिकारी कुछ भी नहीं बोलने को तैयार नहीं हैं।
मदरसे के मोहतमिम मुफ्ती शरीफ खान कासमी का कहना है कि छात्र के पास शरणार्थी का वैध कार्ड था। इसी के आधार पर उसे दाखिला दिया गया था। एनआईए की टीम को छात्र को क्यों ले गई, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
मुजीबुल्लाह को रेलवे रोड लेकर पहुंची एनआईए
कोर्ट में पेश करने के बाद एनआईए की टीम छात्र मुजीबुल्ला को उत्तराखंड नंबर की सफेद रंग की इनोवा कार में रेलवे रोड पुलिस चौकी लेकर पहुंची। यहां एनआईए टीम के अधिकारी उसे लेकर कार में ही बैठे रहे। कुछ देर बाद खानकाह पुलिस चौकी के दो सिपाही एक बैग टीम को देने पहुंचे, जिसके बाद टीम यहां से रवाना हो गई। माना जा रहा है कि बैग में छात्र के कपड़े व अन्य सामान था।
महाराष्ट्र एटीएस ने इनामुलहक के कमरे को खंगाला
देवबंद नगर की नजमी बिल्डिंग से गत 14 मार्च को गिरफ्तार किए गए झारखंड निवासी संदिग्ध आतंकी इनामुलहक को महाराष्ट्र एटीएस बुधवार को साथ लेकर बिल्डिंग में पहुंची। यहां एटीएस ने उसके कमरे की तलाशी ली। इनामुलहक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस बिल्डिंग में कमरा किराए पर लेकर रह रहा था।
एटीएस ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था। बाद में हुई जांच में उसके संबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा से जुड़े मिले थे। बीती दिनों पुणे में पकड़े गए जुनैद नामक संदिग्ध आतंकी ने पूछताछ में इनामुलहक को अपना साथी बताया था, जिसके चलते महाराष्ट्र एटीएस देवबंद उपकारागार से उसे रिमांड पर लेकर गई थी।